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#FactCheck राजीव गांधी की यह फोटो राम मंदिर के भूमि पूजन की नहीं है

फेसबुक और ट्विटर पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की एक फोटो वायरल हो रही है. इसमें दावा किया जा रहा है कि यह फोटो 9 नवंबर 1989 की है, जब राम मंदिर का भूमि पूजन किया गया था.

5 अगस्त को प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन करेंगे. अयोध्या में इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. कार्यक्रम में 200 मेहमानों को आमंत्रित किया गया है. इस बीच सोशल मीडिया पर कई फर्जी खबरें भी फैल रही हैं. फेसबुक पर एक पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की एक फोटो काफी वायरल हो रही है. दावा किया गया है कि भूमि पूजन तो 9 नवंबर 1989 को हो चुका है.

Source: Google

27 जुलाई को Rakesh Kumar के नाम से बने पेज से इस फोटो को पोस्ट किया गया ​है. राजीव गांधी की इस पुरानी फोटो के साथ लिखा गया है,
ये तस्वीरें हैं उस भूमिपूजन की जो 9 नवम्बर 1989 को हो चुका है. कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को, जिसे हम देवउठनी एकादशी कहते हैं.
कांग्रेस की सरकार ने भी उस समय तिथि का खयाल रखा था तब के पंडित आज की तरह नहीं थे उन्हें सब बातों का ख्याल था, यह तो सिर्फ चुनाव के कारण हो रहा है.

https://www.facebook.com/596008807145145/posts/3264895120256487/

आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें.

मध्य प्रदेश कांग्रेस की नेता SHILPI SINGH @ShilpiSinghINC ने भी 25 जुलाई को यहीं फोटो ट्वीट की. उन्होंने भी लिखा,
ये तस्वीरें हैं उस भूमिपूजन की जो 9 नवम्बर 1989 को हो चुका है, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को,जिसे हम देवउठनी एकादशी कहते हैं!
कांग्रेस की सरकार ने भी उस समय तिथि का ख्याल रखा था तब के पंडे आज की तरह नहीं थे उन्हें सब बातों का ख्याल था. यह तो सिर्फ चुनाव के कारण हो रहा है!

आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें.

The News Postmortem की टीम ने इस वायरल पोस्ट की पड़ताल शुरू की. इसे रिवर्स इमेज से गूगल पर सर्च किया गया तो कुछ खबरों के लिंक मिले. साथ ही में हमें यह फोटो भी दिखी. jatland.com पर हमें यह फोटो दिखी. इसमें ज्यादा कुछ तो नहीं लिखा था लेकिन कैप्शन में लिखा था,
Rajiv Gandhi meeting Russian Hare Krishna devotees in New Delhi 1989
मतलब 1989 में राजीव गांधी रूस के श्रद्धालुओं से मिलते हुए.

Source: jatland.com

गूगल पर हमने और खेजबीन की तो कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से किया गया ट्वीट भी मिला. Congress @INCIndia अकाउंट से 9 मार्च 2017 को इसी फोटो को पोस्ट किया गया था. इसमें लिखा था,
Rajiv Gandhi meeting Russian Hare Krishna devotees, 1989.

आज तक के मुताबिक, यह फोटो उस समय की है, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने रूस के हरे कृष्णा मिशन के सदस्यों से मुलाकात की थी. उस समय उनको रूसी भाषा में ट्रांसलेट की गई भगवद्गीता की कॉपी दी गई थी. यह फोटो एक किताब के कवर पर बने कोलाज में भी है. ‘द कृष्णा कॉन्शसनेस मूवमेंट इन द USSR: ए हिस्टोरिकल आउटलाइन फ्रॉम 1971-89’नाम की यह किताब इस्कॉन की तरफ से छापी गई थी.

विकीपीडिया के अनुसार, इस्कॉन या International Society for Krishna Consciousness की शुरुआत 1966 में न्यूयॉर्क में भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने की थी. इसके बाद हरे कृष्णा की गूंज पूरे विश्व में गूंजी. कृष्ण भक्ति की यह धारा न्यूयॉर्क से निकलकर पूरी दुनिया में बही.

अब बात करते हैं 9 नवंबर 1989 की. जागरण के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद ने 1989 के शुरू में ही 10 नवंबर को अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास का ऐलान कर दिया था. इसके बाद राम मंदिर लिखी ईंटें अयोध्या पहुंचने लगी थीं. 9 नवंबर 1989 को दलित युवक कामेश्वर चौपाल ने राम मंदिर की नींव की पहली ईंट रखी थी. हजारों लोग इस बात का गवाह बने थे. ऐसे में राजनीतिक दवाब में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को विवादित स्थल के पास में राम मंदिर के शिलान्यास की अनुमति देनी पड़ी थी।

Ram Mandir Foundation Ceremony
Source: Jagran

Postmortem रिपोर्ट: हमारी पड़ताल में यह पोस्ट फर्जी निकली. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की यह फोटो राम मंदिर के भूमि पूजन की नहीं है.

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