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#FactCheck क्या सही हैं प्रधानमंत्री मोदी के बारे में किए गए ये दावे

5 अगस्त को अयोध्या में हुए राम मंदिर के भूमि पूजन के पहले से एक पोस्ट व्हाट्सऐप, फेसबुक और ट्विटर पर काफी तेजी से वायरल हो रही है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में तीन दावे किए गए हैं.

5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन के पहले से एक पोस्ट व्हाट्सऐप, फेसबुक और ट्विटर पर काफी तेजी से वायरल हो रही है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में तीन बातें ​कही गई हैं. साथ ही में लिखा है,
इतना ज़िद्दी आदमी आज तक नहीं देखा.

व्हाट्सऐप पर The News Postmortem को भी यह पोस्ट मिली. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो पर लिखा है,
जब तक मुख्यमंत्री नहीं बना, विधानसभा में नहीं घुसा
जब तक प्रधानमंत्री नहीं बना, संसद में नहीं घुसा
जब तक राम मंदिर नहीं बना, अयोध्या में नहीं घुसा
तना ज़िद्दी आदमी आज तक नहीं देखा

फेसबुक पर भी हमें इस तरह की पोस्ट मिली. Achhe Din नाम से बने फेसबुक पेज पर 4 अगस्त को बिल्कुल वहीं पोस्ट डाली गई. इसे 1200 से ज्यादा लोग शेयर कर चुके हैं.

इतना ज़िद्दी आदमी आज तक नहीं देखा

Posted by Achhe Din on Tuesday, August 4, 2020

इसके अलावा Mohit Khatri नाम से बने फेसबुक अकाउंट से भी 5 अगस्त को यह पोस्ट शेयर की गई.

इतना ज़िद्दी आदमी आज तक नहीं देखाजय श्री राम🌹🙏

Posted by Mohit Khatri on Tuesday, August 4, 2020

कई ट्विटर यूजर्स ने भी इस पोस्ट को ट्वीट किया है. इनमें से ब्लू टिक वाले यूजर्स भी हैं. जवाहर यादव ने भी 2 अगस्त को लिखा,
जब तक मुख्यमंत्री नहीं बना तब तक विधानसभा में नहीं घुसा.
जब तक प्रधानमंत्री नहीं बना तब तक संसद में नहीं घुसा.
जब तक राम मंदिर शिलान्यास नहीं तब तक अयोध्या में नहीं घुसा.
इतना जिद्दी आदमी मैंने आज तक नहीं देखा।
प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी भी इनको ट्विटर पर फॉलो करते हैं.

हमने इस पोस्ट की पड़ताल शुरू की. तीनों की प्वांइट की एक—एक करके गूगल पर खोजबीन शुरू की. शुरुआत करते हैं पहले प्वाइंट से मतलब जब तक मुख्यमंत्री नहीं बना तब तक विधानसभा में नहीं घुसा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिना चुनाव लड़े ही सीधे गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे. अक्टूबर 2001 में उन्होंने गांधीनगर के हैलीपैड ग्राउंड में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी. दरअसल, 26 जनवरी 2001 को सुबह—सुबह गुजरात के भुज में विनाशकारी भूकंप आया था. उस समय राज्य की सत्ता ताकतवर पाटीदार नेता केशु भाई पटेल के हाथ में थी. News18 के अनुसार, सरकार पर भूकंप के बाद राहत कार्यों में लापरवाही का आरोप लगा था. इसके साथ ही दो उपचुनावों में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा था. काफी मुश्किलों के बाद केशुभाई पटेल ने कुर्सी छोड़ी थी. इसके बाद मोदी को मुख्यमंत्री बनाया गया. फरवरी 2002 में उन्होंने अपने जीवन का पहला चुनाव उपचुनाव के रूप में लड़ा.

PM narendra Modi in first election
Source: News 18

काफी मुश्किल हालातों के बीच मोदी को राजकोट-2 सीट से चुनाव मैदान में उतरने का मौका मिला. 21 फरवरी 2002 को वोट मतदान हुआ. इसमें पहली बार नरेंद्र मोदी की जाति भी चर्चा में आई. पहली बार लोगों को पता चला कि वह ओबीसी कैटेगिरी से आते हैं और घांची ​जाति के हैं. 21 उम्मीदवारों के बीच में नरेंद्र मोदी को 45298 वोट मिले. उन्होंने कांग्रेस के अश्विन मेहता को 14728 वोटों से हराया. इससे तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी राहत की सांस ली. इससे यह तो साफ होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री बनने के बाद ही विधायक बने थे.

विकीपीडिया के अनुसार, नरेंद्र मोदी ने केशुभाई पटेल के नेतृत्व में डिप्टी सीएम बनने का आॅफर ठुकरा दिया था. उन्होंने लाल कृष्ण आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी से कहा था कि अगर उनको गुजरात की कमान सौंपनी है तो पूरी तरह से दें अन्यथा मत दें। नरेंद्र मोदी 7 अक्तूबर 2001 से लेकर 22 मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहे.

अब बात करते हैं दूसरे प्वाइंट की मतलब जब तक प्रधानमंत्री नहीं बना तब तक संसद में नहीं घुसा. 2014 का आम चुनाव भारती जनता पार्टी ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लड़ा था. लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 534 में से 282 सीटों पर जीत हासिल की थी. नरेंद्र मोदी ने वाराणसी और वडोदरा से चुनाव जीते थे. 26 मई 2014 को उन्होंने भारत के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. मतलब प्रधानमंत्री बनने के बाद ही वह संसद में गए.

PM narendra Modi old photos
Source: News 18

अब देखते हैं तीसरे प्वाइंट को यानी जब तक राम मंदिर शिलान्यास नहीं तब तक अयोध्या में नहीं घुसा. अयोध्या के पत्रकार अनूप के मुताबिक, इससे पहले नरेंद्र मोदी 1991 में अयोध्या में आए थे. हालांकि, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए उन्होंने इधर का रुख किया था लेकिन यहां कदम नहीं रखा था. 2019 में उन्होंने गोसाईंगंज में जनसभा को संबोधित किया था. यह जगह राम जन्मभूमि से 25 किलोमीटर दूर है.

Zee News के मुताबिक, नरेंद्र मोदी 18 जनवरी 1991 के सबसे पहले अयोध्या आए थे. उस समय उनके साथ तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी भी थे. दोनों राम जन्मोत्सव में शामिल होने आए थे. उस समय उन्होंने फोटो जर्नलिस्ट महेंद्र त्रिपाठी से दोबारा आने को लेकर कहा था कि अब जब राम मंदिर का निर्माण शुरू होगा तब वक अयोध्या आएंगे.

PM Narendra Modi First Time in Ayodhya
Source: Zee News

Postmortem रिपोर्ट: प्रधानमंत्री मोदी 5 अगस्त 2020 से पहले 1991 में अयोध्या आ चुके हैं इसलिए यह कथन गाजत साबित होता है कि जब तक राम मंदिर का शिलान्यास नहीं हुआ वक तब तक अयोध्या में नहीं आए. हां, बाकी दोनों प्वाइंट सही है.

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