Home Viral सच्चाई Fact Check: मिल गईं किसान आंदोलन वाली दादी, जानिए कौन हैं वह

Fact Check: मिल गईं किसान आंदोलन वाली दादी, जानिए कौन हैं वह

ब्लू टिक वाले कई ट्विटर यूजर्स ने दो फोटो का एक कोलाज वायरल किया था. इनमें एक फोटो शाहीन बाग वाली दादी यानी बिल्किस बानो की थी जबकि दूसरी एक अन्य बुजुर्ग महिला की थी.

किसानों का आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा है. देश के अन्य राज्यों के अलावा दूसरे देशों से भी आंदोलन के समर्थन में आवाजें उठनी लगी हैं. खुद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने किसान आंदोलन को लेकर चिंता जताई है. किसान लगभग एक हफ्ते से सिंघ्सु बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं. सरकार और किसान संगठनों के बीच बातचीत विफल हो गई है लेकिन अभी वार्ता के रास्ते खुले हुए हैं. इस बीच सोशल मीडिया पर भी किसान आंदोलन छाया हुआ है. इनमें कई फर्जी पोस्ट भी धड़ल्ले से हो रही हैं. इनसे किसान आंदोलन को खालिस्तानी रंग देने की भी को​शिश की जा रही है.

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ब्लू टिक वाले कई ट्विटर यूजर्स ने इस दौरान दो फोटो का एक कोलाज वायरल किया था. इनमें बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत भी शामिल थीं. इनमें एक फोटो शाहीन बाग वाली दादी यानी बिल्किस बानो की थी जबकि दूसरी एक अन्य बुजुर्ग महिला की थी, जो किसान आंदोलन में हिस्सा लेते हुए दिख हुई रही थी. दावा किया गया कि दोनों बुजुर्ग महिलाएं एक ही हैं मतलब शाहीन बाग वाली बिलकिस बानो ने किसान आंदोलन में हिस्सा लिया है. इसका The News Postmortem ने फैक्ट चेक भी किया था, जिसमें यह दावा गलत दाबित किया गया था. बाद में बिलकिस बानो ने भी मीडिया के सामने आकर कहा था कि वह अभी तक आंदोलन में शामिल नहीं हुई है. वह उनकी फोटो नहीं है. हां, वह अब शामिल होंगी.

Kangna Ranaut Tweet on Bilkis Bano

इसके बाद शाहीन बाग वाली दादी बि​लकिस बानो 1 दिसंबर को किसानों का समर्थन देने के लिए सिंघु बॉर्डर पहुंची थी लेकिन उनको पुलिस ने हिरासत में ले लिया था.

Bilkis Bano Image

यह तो साबित हो गया था कि शाहीन बाग वाली दादी बिलकिस बानो और पहले किसान आंदोलन में शामिल हो चुकी दादी एक नहीं थी लेकिन यह नहीं पता चला था कि वह कौन हैं. अब हमें आंदोलन में शामिल दादी का वीडियो भी मिल गया है. उनका नाम है मिन्दर कौर. 85 साल की मिन्दर कौर बठिंडा के गांव बहादुर गढ़ जंडिया की रहने वाली हैं. वीडियो में वह बता रही हैं वह शुरू से कई साल से खेती बाड़ी कर रही हैं. उनकी यह फोटो पेट्रोल पंप के पास किसी ने ली थी. उस समय आंदोलन में शामिल होने के लिए उनको कोई रुपये नहीं दिए गए थे. उनकी अपनी जमीन जायदाद है. उनको 100 रुपये की क्या जरूरत है. वह किसान बच्चों के लिए वहां पर गई थीं. वह अब दिल्ली जाने के लिए भी तैयार हैं. आपको बता दें कि मिन्दर कौर की यह फोटो अक्टूबर 2020 की है.

Postmortem रिपोर्ट: फोटो में दिख रही बुजुर्ग महिला शाहीन बाग वाली बिलकिस बानो नहीं बल्कि बठिंडा की मिन्दर कौर हैं. वह अपनी मर्जी से किसानों की लड़ाई लड़ रही हैं.

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