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#FactCheck अयोध्या में राम मंदिर की जमीन के नीचे टाइम कैप्सूल डालने का दावा है फर्जी

5 अगस्त को अयोध्या में PM Modi राम मंदिर के भूमि पूजन में शामिल होने आ रहे हैं. कई मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया पर ये खबर वायरल हुई कि मंदिर के जमीन के नीचे टाइम कैप्सूल डाला जाएगा. जबकि पड़ताल में ऐसा कुछ नहीं निकला.

अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर का भूमि पूजन होना है, जिसकी तैयारियों को इस समय अंतिम रूप दिया जा रहा है.खुद पीएम नरेंद्र मोदी इस भूमि पूजन में शामिल होने के लिए आ रहे हैं. वहीँ सोशल मीडिया पर एक अफवाह उड़ी की पीएम मोदी राम मंदिर की जमीन के नीचे टाइम कैप्सूल रखेंगे.जिसके पीछे तर्क दिया गया कि आने वाली पीढ़ियां इसके बारे में जान सकेंगी. कई मीडिया हाउस ने भी इस खबर को प्रमुखता से चलाया.

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The News Postmortem की टीम ने इसकी पड़ताल शुरू की. ये तय है कि आने वाली पांच अगस्त को राम मांदरी निर्माण की नींव रखी जाएगी. जिसमें राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया गया है. राम मंदिर की जमीन के नीचेटाइम कैप्सूल की अफवाह उड़ते-उड़ते मुख्य मीडिया हाउस तक पहुंच गयी.इसमें दावा किया गया कि जमीन के 200 फीट नीचे ये कैप्सूल डाला जाएगा.

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हमने इसके बाद इस खबर को जब गूगल पर सर्च किया तो राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय का एक बयान मिला.जो समाचार एजेंसी ANI ने पब्लिश किया था. चम्पत राय ने जमीन में कैप्सूल की बात को निराधार बताया और इसे कोरी अफवाह बताया. उन्होंने कहा कि ये खबर पूरी तरह गलत है. जब तक ट्रस्ट की तरफ से कोई वक्तव्य न जाए उसे अधिकृत न माना जाए.

https://twitter.com/AHindinews/status/1288018239939907584?s=20

वहीँ नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने भी टाइम कैप्सूल की खबर को अफवाह बताया.

अब बात करते हैं कि टाइम कैप्सूल होता क्या है. और उसका मतलाब क्या है. देश में इससे पहले 15 अगस्त 1973 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लाल किले के सामने टाइम कैप्सूल जमीन में दफन करवाया था. इसमें ये दावा किया गया था कि इसके अंदर आजादी के 25 सालों के इतिहास को संजोया गया है. तब विपक्ष ने कई आरोप लगाए थे. लेकिन बाद में इसे निकल वाया भी गया था, लेकिन इसमें था क्या आज तक खुलासा नहीं हुआ है. इसका जिक्र लेखक और इतिहासकार आनंद रंगनाथन ने भी किया है.

Postmortem रिपोर्ट: राम मंदिर तीर्थ ट्रस्ट महासचिव और डीएम अयोध्या के बयानों के बाद ये सिद्ध हो गया कि पांच अगस्त को सिर्फ राम मंदिर का भूमि पूजन होगा. उस दिन टाइम कैप्सूल जैसा कोई कार्यक्रम नहीं है. यानि ये खबर पूरी तरह से फेक है .

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