Home Viral सच्चाई #FactCheck सुप्रीम कोर्ट का नहीं बदला चिन्ह, नामचीन पत्रकार ने कर दिया...

#FactCheck सुप्रीम कोर्ट का नहीं बदला चिन्ह, नामचीन पत्रकार ने कर दिया फर्जी ट्वीट

वरिष्ठ पत्रकार ने एक ट्वीट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपना चिन्ह बदल लिया है. जबकि ऐसा नहीं हुआ. बाद में खुद उन्होंने भी अपना ट्वीट डिलीट कर दिया. लेकिन कई लोग अभी भी इस फर्जी ट्वीट को शेयर कर रहे हैं.

वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने 21 अगस्त को एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट का चिन्ह बदल गया. जिसमें सत्यमेव जयते की जगह ।। यतो धर्मस्ततो जय: ।।. जिसके बाद सोशल मीडिया पर नयी बहस शुरू हो गयी.लोग इस ट्वीट को ताबड़तोड़ रिट्वीट करने लगे. वहीँ PIB फैक्ट चेक ने ट्वीट कर इसे फेक करार दिया है. उसके मुताबिक सुप्रीम कोर्ट का लोगो शुरू से ही ऐसा है. बदलाव का दावा पूर्णतया फर्जी है. The News Postmortem ने इसकी पड़ताल शुरू की.

पुण्य प्रसून बाजपेयी ने शुक्रवार 21 अगस्त को ये ट्वीट किया. लेकिन कुछ देर बाद ही उन पर काउंटर अटैक हुआ तो उन्होंने इसे डिलीट कर दिया. बाजपेयी ने ट्वीट में लिखा था कि सुप्रीम कोर्ट ने अपना लोगो चिन्ह बदल लिया. इसे सत्यमेव जयते की जगह ।। यतो धर्मस्ततो जय: ।। कर दिया गया. लेकिन डिलीट करने से पहले ही कई लोगों ने इसे ट्विटर पर रिट्वीट करना शुरू कर दिया.

निशा खान नामक यूजर ने भी इस तस्वीर को हुबहू ट्वीट किया.जिसे 300 से ज्यादा लाइक और 118 लोग रिट्वीट कर चुके हैं.

हमने सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया की हिस्ट्री चेक की. वहां भी इस तरह का कोई जिक्र नहीं है. स्थापना के साथ ही इसके लोगो में अशोक स्तम्भ के नीचे ।। यतो धर्मस्ततो जय: ।। ही लिखा हुआ है. तब से अभी तक इसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है.

यानि सोशल मीडिया पर जो दावा किया जा रहा था उसमें कोई दम नहीं था. इस वायरल पोस्ट का खंडन PIB फैक्ट चेक ने भी किया और इसे फर्जी करार दिया.

Postmortem रिपोर्ट:- सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट और PIB के ट्वीट के बाद ये सिद्ध हो गया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपना लोगो नहीं बदला है. इसे गलत मंशा के साथ ट्वीट किया गया था. लोगो बदलने का दावा  पूरी तरह फर्जी है. इसलिए इसे शेयर करने से बचें.

डोनेट करें!
न हम लेफ्ट के साथ हैं और न राइट के साथ. हम बस सच के साथ हैं. पत्रकारिता निष्पक्ष होनी चाहिए. फर्जी और नफरत फैलाने वाली खबरों के खिलाफ हम हमेशा जंग लड़ते रहेंगे और आपको ऐसी फेक पोस्ट से सचेत करते रहेंगे. अगर आप हमारा समर्थन करते हैं तो नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें हमें कुछ आर्थिक मदद दें और हमारा उत्साह बढ़ाएं.

Donate Now

FACT CHECK :

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Fact Check: जमीन पर गिरे शख्स पर कूदने वाला फोटोग्राफर गिरफ्तार, जानिए किस संस्थान के साथ जुड़ा है आरोपी

असम में पुलिस फायरिंग और लाठीचार्ज के बाद राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा जा रहा है. इसकी कई तस्वीरें और वीडियो...

Fact Check: क्या BBC के भ्रष्ट पार्टियों के सर्वे में Congress तीसरे नंबर पर है? जानिए क्या है सच

क्या BBC ने कोई सर्वे कराया है? जिसमें रिजल्ट आया है कि विश्व की 10 सबसे भ्रष्ट राजनैतिक पार्टियों में कांग्रेस तीसरे...

Fact Check: हाईकोर्ट ने लगाई थी गंगा व यमुना में मूर्ति विसर्जित करने पर रोक, अखिलेश यादव ने नहीं रोका था गणपति विसर्जन से

क्या सन् 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आदेश पर वाराणसी में गणपति के प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगी थी? क्या...

Fact Check: नागपुर में CM आवास के पास हिंदू लड़कियों ने अपनी मर्जी से पहना हिजाब, जानिए कब होता है World Hijab Day

क्या नागपुर में कुछ मुस्लिम महिलाओं ने हिंदू लड़कियों को हिजाब पहनाया है? इस तरह के दावे के साथ सोशल मीडिया पर...

Recent Comments

vibhash