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#FactCheck बिहार के अस्पताल में कुत्तों की तस्वीर का दावा है फर्जी, जानिए क्या है सच

सोशल मीडिया पर बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं पर एक अस्पताल की तस्वीर वायरल की जा रही है. जिसमें आवारा कुत्ते अस्पताल के बेड पर बैठे हैं. ये तस्वीर तीन साल पुरानी है. जिसे हाल की बताई जा रही है.

देश में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा 16 लाख पार कर चुका है. इसके साथ ही बिहार समेत पूर्वी भारत में कई इलाके बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता डॉ. तनवीर हसन ने अपने ऑफीशियल ट्विटर एकाउंट पर एक तस्वीर शेयर की है, जो बिहार के मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल की है. उसमें बेड पर आवारा कुत्ते बैठे हैं. तनवीर हसन ने बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं पर निशाना साधा है.

Source: Twitter

The News Postmortem ने इसकी पड़ताल शुरू की. बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के नेता डॉ. तनवीर हसन ने 28 जुलाई को एक तस्वीर ट्विटर पर शेयर की. उन्होंने लिखा,

ये तस्वीरें मुजफ्फरपुर के अस्पताल की हैं. नितीश कुमार को बधाई दे दीजिये.

आर्काइव देखने के​ लिए यहां क्लिक करें.

इसके बाद हमने इस तस्वीर को गूगल पर सर्च किया तो हमें कई और रिजल्ट मिले. संजय कुमार नामक फेसबुक यूजर ने भी नितीश कुमार के 15 सालों शासन पर सवाल उठाए. साथ ही अंग्रेजी में एक मैसेज भी इस तस्वीर के साथ लिखा, 

Corona warriors in Bihar!!!

Even, these dogs are inspecting the pandemic preparedness, as Mr. Paltu (Nitish) Kumar has developed hospital, school and employment opportunities in his 15 years Raj..

https://www.facebook.com/photo/?fbid=1526615184190591&set=a.151314461720677&__cft__[0]=AZXgEgOw2kYdVbCEElLUwudQPVv8MPl_284NvyVKAh468RMEQE-BaqsTGq1geutETZF_0G9zbZND9Rdd_hQPqCPRBp3Jj7Atgz9HiK7Om0Xo54vI2rsTvsGMM68VDU2m5R-JTP7kT6FYQ2D0qKIeNWB1&__tn__=EH-y-R

आर्काइव देखने के​ लिएहां क्लिक करें.

इसके बाद हमने गूगल पर इस खबर से संबंधित कीवर्ड्स सर्च किए तो हमें कई रिजल्ट मिले. अंग्रेजी चैनल रिपब्लिक वर्ल्ड चैनल का एक वीडियो मिला, जो कि 5 दिसम्बर 2017 का है. इसमें बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए गए हैं. इसमें भी मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में स्टाफ मौजूद नहीं है और आवारा कुत्ते अस्पताल में बेड पर बैठे हैं.

इस वीडियो के बाद यह स्पष्ट हो गया कि यह फोटो हाल-फिलहाल का नहीं है, बल्कि दिसम्बर 2017 की है. इस बारे में और सर्च करने पर हमें हिंदुस्तान टाइम्स का भी एक लिंक 6 फरवरी 2020 का मिला. इसमें इस फोटो को फेक बताया गया है.

Source: Hindustan times

Postmortem रिपोर्ट: हमारी पड़ताल में ये फोटो पूरी तरह फेक निकली. यह फोटो तीन साल पुरानी है, जिसे राजनीतिक लाभ के लिए हाल का बताकर वायरल किया जा रहा है.

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