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Fact-Check: क्या एसपीजी ने राजीव गांधी की सुरक्षा की आड़ में एक भिखारी को गोलियों से भून दिया था?

Fact-Check(द न्यूज़ पोस्टमार्टम): पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी की अध्यक्षता में एक घटना का एसोसिएटेड प्रेस (एपी) फुटेज, जो राजघाट का है, सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ वायरल हो रहा है कि जब प्रधानमंत्री राजीव गांधी राजघाट समाधी पर प्रार्थना के लिए गये थे तो वहां आसपास की झाड़ियों में हलचल हुई और एसपीजी ने तुरंत पोजीशन ली और एक व्यक्ति को गोलियों से भून डाला, बाद में पता चला वो विक्षिप्त तरह से भूना गया व्यक्ति एक भिखारी था।

वायरल दावे पर लोगों की प्रतिक्रियाएं : सोशल मीडिया पर लोग अपने अंदाज़ में प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

फेसबुक पेज I Support Modi Ji & BJP ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा –

जब राजीव गांधी के सुरक्षा कर्मियों ने मार दिया था‌ एक विक्षिप्त भिखारी को।”

फेसबुक यूजर धर्मनिष्ठ महेंद्र सोनी ,नवीन पांडे, राजसिंह चौहान, रमन सिंह राष्ट्रवादी और एसपी सिंह राजपुरोहित आदि ने भी फेसबुक पर वीडियो साझा करते हुए लिखा –

राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे, राजघाट पर प्रार्थना के लिए गए थे तभी झाड़ियों में कुछ हलचल हुई एक व्यक्ति एसपीजी को नजर आया तुरंत एसपीजी ने पोजीशन लिया और उस व्यक्ति को गोलियों से भून डाला गया बाद में पता चला कि वह व्यक्ति एक भिखारी था मानसिक विछिप्त था जो रात को वही राजघाट पर सो जाता था और इनकी हद दर्जे की बेशर्मी देखिए राजीव गांधी कह रहे हैं किउन्हें कोई डर नहीं लगता अरे भाई जब तुम्हें कोई डर नहीं लगता तो क्यों एक मानसिक विक्षिप्त की हत्या हो गई और आज यही कांग्रेसी कह रहे हैं क्या मोदी पर किसी ने पत्थर फेंके क्या मोदी पर किसी ने गोली चलाई तुमने तो एक व्यक्ति को यूं ही गोलियों से भून डाला जबकि वह व्यक्ति एक पागल था और जब पत्रकार ने पूछा आपके सेफ्टी के लिए मारा तब राजीव गांधी का जवाब Absolutely no problem at to all”

फेसबुक पर अन्य प्रतिक्रियाएं –

पड़ताल : द न्यूज़ पोस्टमार्टम ने अपनी पड़ताल शुरू की। हमने सबसे पहले की-वर्ड की मदद से उस वीडियो को खोजने का प्रयास किया जिसको लेकर सोशल मीडिया पर लोग तरह तरह के दावे कर रहे थे। हमें एपी का यह तीन साल पुराना वीडियो मिला। वीडियो के कैप्शन के अनुसार, फुटेज को 2 अक्टूबर 1986 को गांधी जयंती के अवसर पर शूट किया गया था, जिसमें राजीव गांधी प्रार्थना सत्र का नेतृत्व कर रहे थे। कैप्शन में लिखा है, “गांधी को झाड़़ी में छिपे एक सिख ने गोली मार दी थी।”

रिचर्ड एम. वेनट्राउब ने 3 अक्टूबर सन् 1986 को द वाशिंगटन पोस्ट में लिखा, प्रधानमंत्री राजीव गांधी और अन्य मुख्य भारतीय अधिकारी आज षड्यंत्र/हत्या के प्रयास से बच गए,  पुलिस आज रात एक बंदूकधारी से पूछताछ कर रही थी, जिसके बारे में उनका मानना ​​​​है कि उसने गोलियां चलाईं, जिसमें छह लोग मामूली रूप से घायल हो गए।
बंदूकधारी ने प्रधानमंत्री से लगभग 70 गज की दूरी पर घनी झाड़ियों के ऊपर से छिपकर, घातक तरह से बनाई गई पिस्तौल से फायरिंग की।
तत्कालीन सरकार के मुख्य प्रवक्ता राममोहन राव के अनुसार, राजीव गांधी भारत के संस्थापकों में से एक, मोहनदास करमचंद गांधी के स्मारक कार्यक्रम में भाग ले रहे थे।
एक जगह पर राजीव गांधी बंदूकधारी के छिपने की जगह से करीब 15 गज केे दायरे से होकर गुजरे। राष्ट्रपति जैल सिंह और अन्य शीर्ष अधिकारी भी बंदूकधारी के पास से गुजरे थे हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उसने गोली चलाने का इंतजार क्यों किया? 

पोस्टमार्टम: द न्यूज़ पोस्टमार्टम की पड़ताल में पाया गया कि, वायरल वीडियो में गांधी नेतृत्व की सुरक्षा हेतु एसपीजी ने बंदूकधारी पर फायरिंग की थी अतः वायरल वीडियो में किया गया दावा भ्रामक साबित होता है।

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FACT CHECK : भ्रामक

Pratayksh Mishrahttps://thenewspostmortem.com/
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