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Fact Check: क्या मासूमों पर लाठीचार्ज का विरोध करते हुए पुलिसकर्मी अनशन पर बैठे

सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रहा है, जसमें ये दावा है कि मासूमों पर लाठीचार्ज के विरोध में पुलिसकर्मी नाराज होकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

हाथरस केस इस समय पूरे देश में चर्चा बना हुआ है, वहीँ इसके साथ ही यूपी पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. इस बीच समाजवादी पार्टी के नेता दिग्विजय सिंह ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक तस्वीर अपलोड की है, जिसमें पुलिस कर्मी प्रदर्शन करते हुए नजर आ रहे हैं. तस्वीर में पुलिस वाले पैम्फलेट पकड़े हुए हैं जिस पर लिखा है मासूमों पर लाठीचार्ज हमसे नहीं हो पायेगा. ऊपर लिखा है कि पुलिस लाठीचार्ज करती नहीं सरकार करवाती है. ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है.

The News Postmortem ने इस दावे की पड़ताल शुरू की. सपा नेता दिग्विजय सिंह सपा छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष हैं. उन्होंने ये तस्वीर 10 अक्टूबर को अपने अकाउंट पर ये तस्वीर पोस्ट की.इसे सात हजार से ज्यादा लाइक और करीब एक हजार सात सौ लोग रिट्विट कर चुके हैं.

जब हमने ट्विटर पर ये तस्वीर सर्च की तो 9 अक्टूबर को शैलेन्द्र यादव मैनपुरी नाम के यूजर ने यही तस्वीर पोस्ट की.

https://twitter.com/Shailen44859635/status/1314403483932483585?s=20

चूँकि यूपी में पुलिस का इस तरह का प्रदर्शन अभी तक कहीं दर्ज नहीं हुआ. फिर जो दावा किया जा रहा है उसमें ज्यादातर एक ही विचारधारा के लोग हैं. हमने इस तस्वीर को रिवर्स इमेज से सर्च किया तो हमें कई रिजल्ट मिले.ये तस्वीर नवम्बर 2019 में दिल्लीकी तीस हजारी कोर्ट में पुलिस और वकीलों की झडप के बाद के हैं.जिसमें नाराज पुलिस कर्मियों ने पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया था.हमें Rediff.com का एक लिंक मिला. जिसमें यही फोटो पुलिस कर्मी बैठे हैं. लेकिन उस पर we want justice लिखा है.ये खबर समाचार एजेंसी ANI के हवाले से छपी है.

इसके बाद हमें 5 नवम्बर 2019 का Quint का एक वीडियो लिंक मिला. जिसमें ये तस्वीर इस्तेमाल की गयी है. यानि जो दावा किया जा रहा है कि पुलिस लाठीचार्ज को लेकर प्रदर्शन कर रही है वो पूरी तरह गलत है.

Postmortem रिपोर्ट:- वायरल तस्वीर एक साला पुरानी दिल्ली पुलिस की है न कि यूपी पुलिस की. तस्वीर को एडिट किया गया है और गलत मकसद के साथ वायरल की जा रही है. ये तस्वीर पूरी तरह फेक है.

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