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#FachCheck पीएम मोदी ने राम मंदिर निर्माण में 50 करोड़ देने का नहीं लिखा कोई लेटर, सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट वायरल

फेसबुक पर पीएम मोदी का एक लेटर वायरल हो रहा है, जिसमें हिन्दू राष्ट्र निर्माण के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को बधाई दी गयी है. साथ ही मंदिर निर्माण में 50 करोड़ रूपए भी देने को कहा गया है. ये लेटर पूरी तरह से फर्जी है.

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त को रख दी थी. उससे पहले ही कई तरह के भ्रामक मैसेज सोशल मीडिया पर घूम रहे थे. कुछ इसी तरह का एक और फेक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हिन्दू राष्ट्र निर्माण में योगदान की बधाई देने के साथ ही 50 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण के लिए भेजने की बात कही है. हमने इसकी पड़ताल शुरू की.

Source: Facebokk

The News Postmortem को फेसबुक पर मिले इस लेटर को यह कहकर वायरल किया जा रहा है कि यह मोदी सरकार की चाल है. debilal nepale नामक एकाउंट से यह पोस्ट कब किया गया है. इसकी जानकारी नहीं मिली, लेकिन इसे कई और लोगों ने भी शेयर किया है. हमें ये पोस्ट धनलक्मी म सोलंकी नामक एकाउंट पर मिला. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से बाकायदा एक लेटर तैयार किया गया, जिसमें वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हिन्दू राष्ट्र निर्माण के लिए बधाई दे रहे हैं. यही नहीं इसमें 50 करोड़ रुपये राम मंदिर निर्माण के लिए भी देने की बात कही गई है. इसके साथ एक मैसेज भी लिखा है,

मोदी सरकार का चाल और चरित्र ये है ! ये पत्र को जितना हो सके फैलाए, भारत में ही नहीं भारत के बाहर विदेश में भी ये भेजे

https://www.facebook.com/photo?fbid=3134752816611102&set=a.2215815238504869

चूंकि राम मंदिर के भूमि पूजन से पहले ही कई तरह के पोस्ट वायरल हो रहे थे. हमें इस पोस्ट को और भी जगह तलाशा नहीं मिला. चूंकि इस पत्र में कई खामियां नजर आईं. इसमें तारीख 7 अगस्त 2020 है. इसके अलावा जो भाषा लिखी है वो किसी भी तरह से मान्य नहीं कही जा सकती. पीएम मोदी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भूमि पूजन में शामिल हुए थे. य​ह पूरा कार्यक्रम सार्वजनकि रूप से मौजूद है. लिहाजा फिर इस तरह का पत्र का कोई मतलब नहीं रह जाता.

इसके बाद हमें इस सम्बन्ध में PIB फैक्ट चेक के ट्विटर एकाउंट पर इस पत्र का खंडन मिला. जिसमें यह कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा है. यह पत्र पूरी तरह फर्जी है.

Postmortem रिपोर्ट:- पड़ताल में यह पत्र पूरी तरह फर्जी निकला. इसकी पुष्टि PIB ने भी की है, इसलिए सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का लेटर पूरी तरह फेक है.

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