Home Political सच Fact Check: महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी सरकार में किसानों पर पुलिस ने की...

Fact Check: महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी सरकार में किसानों पर पुलिस ने की थी फायरिंग, तीन की हुई थी मौत

सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है. इसमें पुलिस प्रदर्शनकारी किसानों पर फायरिंग करती दिख रही है. दावा किया गया कि इसमें कुछ लोगों की मौत भी हुई थी. वीडियो मराठी भाषा में है.

कृषि बिल के विरोध में किसानों का आंदोलन जारी है. उन्हें सड़क पर डटे हुए 70 दिन से ज्यादा का समय हो गया है. कांग्रेस, शिवसेना, एनसीपी, सपा और रालोद समेत लगभग सभी विपक्षी दलों के नेता आंदोलन में अपनी उपस्थिति दिखा चुके हैं. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है. इसमें पुलिस प्रदर्शनकारी किसानों पर फायरिंग करती दिख रही है. दावा किया गया कि इसमें कुछ लोगों की मौत भी हुई थी. वीडियो मराठी भाषा में है. साथ में दावा किया गया कि जब शरद पवार कृषि मंत्री थे और उनके भतीजे महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम, तब किसानों पर गोलियां चलाकर प्रदर्शन को खत्म कराया गया था.

अनंत ने 4 फरवरी को 1 मिनट का यह वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा,
This video is from Maval, Pune , Maharashtra ..When Mr. Pawar was Agricultural Minister and his Nephew was deputy CM they deal farmer agitation by firing on farmer..Shame .

मतलब
यह वीडियो महाराष्ट्र के पुणे के मवाल का है. जब मिस्टर पवार कृषि मंत्री थे और उनके भतीजे डिप्टी सीएम, उन्होंने किसान आंदोलन को में गोलियां चलवाकर उसे खत्म कराया था. शर्म करो…

आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें.

हर्षा ने भी 4 फरवरी को यह वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा,
Watch this vdo to see Hypocrisy of
@PawarSpeaks n @INCIndia
The way pawar handled #KisanAndolan when he was Agriculture Minister..

मतलब
इस वीडियो में पवार के पाखंड को देखिए. जब वह कृषि मंत्री थे तब उन्होंने किस तरह से किसान आंदोलन को खत्म कराया था.

आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें.

सनील इंगावले के फेसबुक पेज पर भी हमें यह वीडियो मिला. इसमें लिखा हुआ है,
9 ऑगस्ट 2011 – शेतकर्यांच्या कैवार्यांनी शेतकर्यांवर गोळ्या झाडल्या होत्या… आणि पवनेच पाणी खर्या शेतकर्यांच्या रक्ताने लाल केले होते…
मतलब
9 अगस्तए 2011 . किसानों पर गोलियों की बौछार की गई और असली किसानों के खून से पानी को लाल कर दिया

Maharshtra Police firing on farmers

The News Postmortem ने इस वीडियो की पड़ताल के लिए इनविड टूल का सहारा लिया तो हमें कुछ खबरों के लिंक तो मिले लेकिन संबंधित वीडियो के फोटो नहीं मिले. फिर हमने यूट्यूब पर maharashtra police firing on protestors 9 august 2011 कीवर्ड से सर्च किया तो NDTV का 9 साल पुराना वीडियो मिला. इसके अनुसार, वाकया पुणे-मुंबई एक्सप्रेस में हुआ है. पुलिसकर्मियों ने किसानों पर गोलियां चलाईं, जिसमें तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थीं. कई पुलिसकर्मियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की. हालांकि, पुलिस अधिकारी का कहना था कि उन पर हमला किया गया था.

इसकी और छानबीन के लिए हमने गूगल पर इस तलाशा तो Times Of India की खबर मिली. 9 अगस्त 2011 को छपी खबर के मुताबिक, मवाल के पुलिस फायरिंग में एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई है. किसान डैम वाटर पाइप लाइन प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे थे. प्रदर्शन हिंसक हो गया था. करीब 400 किसानों ने मुुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे जाम कर दिया था. पुलिस के समझाने पर भी वे नहीं माने. पुलिस के अनुसार, किसानों द्वारा हमला करने के बाद पुलिस ने फायरिंग कर दी थी. इसमें 25 पुलिसवाले भी घायाल हुए थे. किसान पाइप लोइन प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे थे. इसके जरिए पवना डैम का पानी इंडस्ट्रियल टाउनशिप पिंपरी छिंदवाड को सप्लाई किया जाना था. किसानों का कहना था कि प्रोजेक्ट की वजह से उनकी जमीन ले ली जाएगी और क्षेत्र में पीने के पानी की कमी हो जाएगी.

12 अगस्त 2011 को NDTV में छपी खबर के अनुसार, पाइप लाइन प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे किसानों पर पुलिस ने गोलियां चलाई थीं. इसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी. घटना का वीडियो भी काफी वायरल हुआ था. इसमें पुलिसकर्मी किसानों पर सीधे गोलियां दिखाते हुए दिख रहे हैं. इसको लेकर महाराष्ट्र विधानसभा में काफी हंगामा हुआ था. शिवसेना और मनसे के विधायकों ने इसको लेकर प्रदर्शन भी किया था. इस मामले में पुलिस इंस्पेक्टर अशोक पाटिल और सबइंस्पेक्टर गणेश माने को सस्पेंड किया गया थ. जबकि वाहनों में तोड़फोड़ करने वाले छह पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया था.

Maharshtra Police Firing on Farmers
Source: NDTV

India Today के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार और पुलिस ने इस फायरिंग को सेल्फ डिफेंस की कार्रवाई बताया था. इस वीडियो को एक स्थानीय कैमरामैन ने रिकाॅर्ड कर लिया था, जिससे महाराष्ट्र सरकार और पुलिस की कहानी बदल गई थी. वीडियो में दिख रहा है कि पुलिसवालों ने बिना वार्निंग दिए ही किसानों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी थीं. वीडियो में यह भी दिख रहा है कि एसपी संदीप कार्निक भागते हुए किसानों पर इंसास से फायरिंग करते दिख रहे हैं. वीडियो में यह भी दिख रहा है कि गाड़ियों में तोड़फोड़ किसानों ने नहीं बल्कि पुलिसवालों ने की है. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने यह फायरिंग उप मुख्मंत्री अजित पवार के कहने पर की थी. आरोप था कि पिंपरी-छिंदवाड वाटर प्रोजेक्ट में अजित पवार की खास रुचि थी.

10 अगस्त 2011 को Aaj Tak में छपी खबर के अनुसार, किसानों का यह आंदोलन 2008 से चल रहा था लेकिन सरकार नहीं सुन रही थी. वे पावना डैम से पिंपरी छिंदवाड तक पाइप लाइन बिछाने का विरोध कर रहे थे. किसानों का कहना था कि इससे उनको सिंचाई के लिए ठीक से पानी नहीं मिलेगा.

घटना अगस्त 2011 की है. उस समय महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसपी की सरकार थी. महाराष्ट्र में उस समय कांग्रेस के पृथ्वीराज चव्हाण सीएम थे, जबकि अजित पवार डिप्टी सीएम थे. पृथ्वीराज चव्हाण 11 नवंबर 2010 से 26 सितंबर 2014 तक मुख्यमंत्री रहे जबकि एनसीपी के अजित पवार 10 नवंबर 2010 से 25 सितंबर 2012 तक उपमुख्यमंत्री के पद पर रहे. इसके बाद 25 अक्टूबर को वह फिर डिप्टी सीएम बने. अगर बात शर पवार की करें तो वह अगस्त 2011 में केंद्र में कृषि मंत्री के पद पर थे.

ajit pawar and prithviraj chauhan

Postmortem रिपोर्टः सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सही है. इसकी वजह से महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी सरकार की कहानी पलट गई थी. पुलिस की फायरिंग में एक महिला समेत तीन किसानों की मौत हो गर्ठ थी.

डोनेट करें!
न हम लेफ्ट के साथ हैं और न राइट के साथ. हम बस सच के साथ हैं. पत्रकारिता निष्पक्ष होनी चाहिए. फर्जी और नफरत फैलाने वाली खबरों के खिलाफ हम हमेशा जंग लड़ते रहेंगे और आपको ऐसी फेक पोस्ट से सचेत करते रहेंगे. अगर आप हमारा समर्थन करते हैं तो नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें हमें कुछ आर्थिक मदद दें और हमारा उत्साह बढ़ाएं.

Donate Now

FACT CHECK : सच

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Fact Check: हाईकोर्ट ने लगाई थी गंगा व यमुना में मूर्ति विसर्जित करने पर रोक, अखिलेश यादव ने नहीं रोका था गणपति विसर्जन से

क्या सन् 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आदेश पर वाराणसी में गणपति के प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगी थी? क्या...

Fact Check: नागपुर में CM आवास के पास हिंदू लड़कियों ने अपनी मर्जी से पहना हिजाब, जानिए कब होता है World Hijab Day

क्या नागपुर में कुछ मुस्लिम महिलाओं ने हिंदू लड़कियों को हिजाब पहनाया है? इस तरह के दावे के साथ सोशल मीडिया पर...

Fact Check: क्या बीमार मां का इलाज कराने आए फौजी लक्ष्मण को पुलिसवालों ने बुरी तरह पीटा? जानिए क्या है सच

सोशल मीडिया पर दो वीडियो और कुछ फोटो तेजी से वायरल हो रहे हैं. इसमें एक में वीडियो में टाइटल Justice for...

Fact Check: इस फोटो में दिख रही बुजुर्ग महिला Akshay Kumar की मां नही हैं, जानिए कौन हैं ये

बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार की मां अरुणा भाटिया का 8 सितंबर की सुबह निधन हो गया. वह मुंबई स्थित हीरानंदानी अस्पताल...

Recent Comments

vibhash