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Fact Check: रिपब्लिक भारत ने चला दी प्रियंका गांधी की फेक खबर, बाद में करनी पड़ी डिलीट

23 फरवरी को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा मथुरा में किसान पंचायत में पहुंची थीं. वहां एक रेप पीड़िता इंसाफ के लिए प्रियंका गांधी से मिलने पहुंची थी. रिपब्लिक भारत ने ट्वीट व फेसबुक पर पोस्ट डालकर दावा किया कि प्रियंका गांधी ने पीड़िता के परिवार की बात नहीं सुनी और पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया.

अगले साल उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. किसान भी आंदोलन में डटे हुए हैं. किसानों को अपनी ओर मिलाने के लिए सभी दल जोर लगाए हुए हैं. 23 फरवरी को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा मथुरा में किसान पंचायत में पहुंची थीं. वहां एक रेप पीड़िता इंसाफ के लिए प्रियंका गांधी से मिलने पहुंची थी. रिपब्लिक भारत ने ट्वीट व फेसबुक पर पोस्ट डालकर दावा किया कि प्रियंका गांधी ने पीड़िता के परिवार की बात नहीं सुनी और पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया. The News Postmortem को इस खबर की सत्यता जांचने को कहा गया.

Priyanka Gandhi In mathura kisan mahapanchayat

रिपब्लिक भारत के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से 23 फरवरी को यह खबर अ्वीट की गई थी. इसमें दावा किया गया था कि प्रियंका गांधी ने सभा में इंसाफ की गुहार लगाने पहुंचे रेप पीड़िता के परिवार को अनसुना किया है. वहां रेप पीड़िता के परिजनों ने हंगामा भी किया है. हालांकि बाद में इस ट्वीट को डिलीट कर दिया गया.

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फेसबुक पर भी इस तरह की पोस्ट की गई. हमने इसका कैचे वर्जन निकाला. इस पोस्ट को भी बाद में डिलीट कर दिया गया. खबर को वेबसाइट से भी डिलीट कर दिया गया है.

Priyanka Gandhi Kisan Mahapanchayat in Mathura

परफार्म इंडिया वेबसाइट ने भी इस खबर को छापा. इसका शीर्षक है, प्रियंका वाड्रा का ये कैसा इंसाफ? राजस्थान की नाबालिग गैंगरेप पीड़िता के पिरजनों की नहीं सुनी गुहार. खबर में दावा किया गया है कि किसान महापंचायत में पहुंचीं प्रियंका गांधी ने नाबालिग गैंगरेप पीड़िता की इंसाफ की गुहार को अनसुना कर दिया. प्रियंका गांधी उनकी बात सुने बिना ही चली गईं. दरअसल, 26 अप्रैल 2020 को राजस्थान के कामा इलाके के एक गांव में किशोरी से तीन लोगों ने गैंगरेप किया था. आरोप है कि पुलिस ने उन्हें दुत्कार कर भगा दिया था. राजस्थान पुलिस के इस रवैये से परेशान होकर पीड़ित परिवार किसान महापंचायत में पहुंचा था.

Priyanka Gandhi Kisan Mahapanchayat in Mathura

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दरअसल, 23 फरवरी को मथुरा के गांव पाली खेड़ा में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया था. यह किसान महापंचायत कांग्रेस ने आयोजित की थी. पत्रिका के मुताबिक, महापंचायत में प्रियंका गांधी वाड्रा भी शिरकत करने पहुंची थीं. जब प्रियंका गांधी सभा को संबोधित कर रही थीं तो वहां हंगामा हो गया. सभा में न्याय दिलाओ के नारे लगने लगे. पुलिसकर्मियों ने मंच के पास जाने से रोक दिया. हालांकि, प्रियंका गांधी ने अपना संबोधन बीच में रोककर उनको न्याय दिलाने का आश्वासन दिया.

एबीपी के मुताबिक, मामा सामने आने के बाद प्रियंका गांधी ने रेप पीड़िता से मुलाकात की. उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी बात की है.

रिपब्लिक भारत पर इस तरह की खबर छपने के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से भी इस न्यूज को डिलीट करने को कहा गया. 23 फरवरी को ट्वीट किया गया कि यह खबर झूठी है. मथुरा पुलिस ने भी किशोरी को गिरफ्तार नहीं किया है. इसको लेकर कांग्रेस ने रिपब्लिक भारत को कानूनी कार्रवाइ्र की भी चेतावनी दी थी.

कांग्रेस नेता डाॅली शर्मा ने प्रियंका गांधी वाड्रा और रेप पीड़िता की मुलाकात की फोटो ट्वीट करते हुए लिखा,
बलात्कार जैसे जघन्य अपराध पर राजनीति करना भाजपा की महिला विरोधी सोच को प्रदर्शित करता है. श्रीमती @priyankagandhi जी को जैसे ही जानकारी हुई. उन्होंने अपना भाषण रोका और बेटी के पास पहुंच कर, मदद का भरोसा दिया. एक महिला होने के कारण मुझे अपने नेता पर गर्व है. #महिला_विरोधी_बीजेपी

Postmortem रिपोर्टः रिपब्लिक भारत ने बिना तथ्यों को जाने फेक ाबर पब्लिश कर दी थी, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया. हालांकि, परफार्म इंडिया ने इस खबर को अब तक डिलीट नहीं किया है.

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