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Fact Check: क्या केरल सरकार मदरसों के टीचरों पर खर्च कर रही है करोड़ों रुपये, पाकिस्तानी एक्टिविस्ट ने किया दावा

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पाकिस्तानी एक्टिविस्ट का है. वीडियो में उन्होंने दावा किया है कि केरल में हर माह मदरसे के टीचरों को 511 करोड़ 70 लाख 75 हजार रुपये उनकी पगार के रूप में दिए जाते हैं.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पाकिस्तानी एक्टिविस्ट का है. वीडियो में उन्होंने दावा किया है कि भारत के केरल की आबादी 3 करोड़ 56 लाख है. इनमें 26 फीसदी मुस्लिम यानी करीब 88 लाख मुसलमान हैं. केरल में 941 पंचायतें और 21 हजार 683 मदरसे हंै मतलब 1 पचंायत में 23 मदरसे हैं. इतना ही दावा किया गया कि मदरसे के एक टीचर की प्रति माह सैलरी 25 हजार रुपये है. हर माह मदरसे के टीचरों पर 511 करोड़ 70 लाख 75 हजार रुवेय उनकी पगार के रूप में दिए जाते हैं. इसके अलावा रिटायर टीचरों को हर माह 120 करोड़ रुपये पेंशन के रूप में दे दिए जाते हैं. कुल खर्च की बात करें तो टोटल 6317 करोड़ रुपये हर माह सैलरी और पेंशन के नाम पर चले जाते हैं, साल में यह खर्च 7580 करोड़ रुपये हो जाता है.

वीडियो में पाक एक्टिविस्ट कह रहे हैं कि यह सारा पैसा टैक्स पेयर का है, जो हिंदू हैं. हिंदुओं के दिए हुए टैक्स के पैसे से मदरसे के टीचरों को सैलरी और पेंशन दी जाती है. मदरसे में टीचर सिखाते हैं कि तुम काफिरों यानी हिंदुओं या अन्य धर्माें के लोगों से उच्च हो. इनको कनर्ट करना तुम्हारा पहला कर्तव्य है. हिंदुओं के पैसे पर यह ट्रेनिंग दी जाती है. उन्होंने कहा कि भारत कोे अगर सही रास्ते पर आना है तो मदरसों को बंद करना होगा.

इस वीडियो को आकाश आरएसएस नाम से बने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया गया है. साथ में कहा गया,
वीडियो में बताए जा रहे आंकड़े गौर से सुनं, और ये वीडियो भाजपा या आरएसएस के द्वारा नहीं बनाया गया है बल्कि पाकिस्तान के एक activists ने बनाया है…. आंखे खोलो वरना सब लुट जाएगा….

हेमंत के नाम से बने अकाउंट से भी यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा गया,
आरिफ अजाकिया एक पाकिस्तानी मुस्लिम बता रहा है कि हिंदुओं के टैक्स का पैसा किस तरह से मदरसों पर उड़ाया जा रहा है. दुर्भाग्य है कि हमंे यह बात कोई पाकिस्तानी समझा रहा है लेकिन इस देश के गंदे नाली के कीड़े सेक्युलर हिंदू समझ तो रहे हंै लेकिन समझना नहीं चाहते.

The News Postmortem को यह पोस्ट भेजकर इसकी पड़ताल करने को कहा गया. हमने सबसे पहले इस वीडियो का ध्यान से देखा तो इस पर हमारा हिंद का लोगो मिला. यूट्यूब पर हमें Arif Aajakia चैनल मिला. इसमें तलाश करने पर हमें 1 जनवरी 2021 को अपलोड किया गया यह वीडियो मिल गया. वीडियो में दिख रहे शख्स आरिफ अजाकिया हैं. कराची के पूर्व मेयर आरिफ मानवाधिकार कार्यकर्ता भी हैं. वह यूट्यूबर भी हैं और भारत के प्राानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक हैं. पाकिस्तानी सरकार और फैाज पर वह लगातार हमले करते रहे हैं. उनको पाकिस्तान से निकाल दिया गया हैं और वह लंदन में रह रहे हैं.

केरल की जनसंख्या और मुस्लिम आबादी

अब हमने उनके दावों की पड़ताल शुरू की. सबसे पहले केरल की जनसंख्या की बात करें तो 2011 की जनगणना के अनुसार, केरल की जनसंख्या 3.34 करोड़ है. इनमें से 88 लाा 73 हजार यानी 26.56 फीसदी मुस्लिम हैं. मतलब केरल की जनसंख्या और मुस्लिम आबादी का आंकड़ा सही दिया गया है.

Kerala Population Religion News in Hindi

केरल में ग्राम पंचायतें और मदरसे

ग्राम पंचायतों की बात करें तो केरल में 1200 लोकल सेल्फ गवर्निंग बाॅडीज हैं. इनमें से 941 ग्राम पंचायतें, 14 जिला पंचायत और 152 ब्लाॅक पंचायतें हैं. यह दावा भी सही निकला. अब देखते हैं मदरसों की संख्या. वेबकूफ के मुताबिक, केरल में 27814 मदरसे हैं. इनमें 1 लाख 70 हजार 816 टीचर हैं जबकि आरिफ अजाकिया ने दावा किया है कि केरल में 21 हजार 683 मदरसे हैं. यानी केरल में दावे से ज्यादा मदरसे हैं.

केरल में मदरसा टीचरों की सैलरी

दावा किया गया कि मदरसा टीचर को हर माह 25 हजार रुपये की पगार दी जाती है. वेबकूफ के अनुसार, सरकार की तरफ से मदरसा के टीचरों का कोई सैलरी नहीं दी जाती है. उनको वेतन मदरसा कमेटियां देती हैं. मतलब सरकार से मदरसा टीचरों के वेतन का कोई लेना-देना नहीं है.

मदरसा टीचरों को पेंशन

वीडियो में दावा किया गया कि मदरसा के रिटायर टीचरों को सरकार पेंशन भी देती है. इसके लिए हमने गूगल पर सर्च किया तो The Hindu की खबर का 20 नवंबर 2019 का लिंक मिला. इसके मुताबिक, वक्फ फंड माइनाॅरिटी वेलफेयर मिनिस्टर केटी जलील ने केरल मदरसा टीचर्स वेलफेयर फंड बिल 2019 असेंबली में पास किया है. इसके जरिए पेंशन देने के लिए वेलफेयर फंड बनाने की बात कही गई थी. इसमें उनको शामिल किया गया, जिन्होंने 2010 में वेलफेयर स्कीम को ज्वाइन किया था. इसके तहत 60 साल पार कर चुके मदरसा टीचरों को एक तय राशि दी जानी थी. इसमें प्रत्येक मदरसा टीचरों को हर माह 50 रुपये देने का नियम था. जबकि 50 रुपये कमेटी भी देगी. स्कीम के तहत 1500-7500 की पेंशन मिलनी तय हुई थी. वेबकूफ के अनुसार, सरकार की तरफ से 411 रिटायर टीचरों को पेंशन मिल रही है, जो कि अधिकतम 1200 से ज्यादा नहीं है. मतलब मदरसे के टीचरों पर हर माह 6317 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा भी झूठा निकला.

Postmortem रिपोर्टः दरअसल, जनवरी की शुरुआत में मैसेज वायरल हुए थे, जिनमें दावा किया गया था कि केरल में मदरसों के शिक्षकों पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. ये आरिफ अजाकिया के आंकड़े उन आंकड़ों से मिलते जुलते हैं. जो, हमारी पड़ताल में झूठे साबित हुए.

Kerala Madarsa teacher salary news in hindi
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