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Fact Check: ताबीज के विवाद में पीटा गया मुस्लिम बुजुर्ग को, मारपीट में मुस्लिम युवक भी शामिल

14 जून को सोशल मीडिया पर दो वीडियो को कोलाज तेजी से वायरल हुआ. इसमें एक मुस्लिम बुजुर्ग को कुछ युवक पीटते हुए दिख रहे हैं जबकि दूसरे में बुजुर्ग आपबीती बया कर रहे हैं. आरोप लगाया गया कि जय श्री राम नहीं बोलने पर बुजुर्ग को पीटा गया है.

14 जून को सोशल मीडिया पर दो वीडियो को कोलाज तेजी से वायरल हुआ. इसमें एक मुस्लिम बुजुर्ग को कुछ युवक पीटते हुए दिख रहे हैं जबकि दूसरे में बुजुर्ग यह कह रहे हैं कि पांच लोगों ने उनको बुरी तरह पीटा. मुसलमानों को मारने की बात भी कही. बुजुर्ग जहां पर बठे हैं, बैकग्राउंड में सपा का निशान साइकिल दिख रहा है. सोशल मीडिया पर इसको लेकर काफी हल्ला मचा. ट्विटर पर #Ghaziabad ट्रेंड हुआ. इसको लेकर कई ब्लू टिक वाले यूजर्स ने भी गाजियाबाद पुलिस और योगी सरकार पर निशाना साधा और सांप्रदायिक रंग दिया. आरोप लगा कि बुजुर्ग को जय श्री राम नहीं बोलने पर पीटा गया और उसकी दाढ़ी काटी गई.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नवभारत टाइम्स की खबर का स्क्रीनशॉट शेयर किया. इसमें लिखा है कि जय श्री राम न कहने पर बुजुर्ग की पिटाई, कनपटी पर बंदूक रखकर काटी दाढ़ी, गाजियाबाद पुलिस ने दो किया गिरफ्तार. इसके साथ ही राहुल गांधी ने लिखा,
मैं ये मानने को तैयार नहीं हूं कि श्रीराम के सच्चे भक्त ऐसा कर सकते हैं.
ऐसी क्रूरता मानवता से कोसों दूर है और समाज व धर्म दोनों के लिए शर्मनाक है.

पत्रकार राना अय्यूब ने भी बुजुर्ग की पिटाई का वीडियो पोस्ट किया. इस वीडियो में आवाज नहीं है. उन्होंने लिखा कि जो वीडियो मुझे परेशान करते हैं, मैं उनको देखती हूं. लेकिन इसने मुझे सन्न कर दिया है. एक मुस्लिम व्यक्ति को कई लोगों ने पीटी और उसे जय श्री राम बोलने को विवश किया. क्या मुझे अनुमति है कि मैं अपना गुस्सा दिखा सकूं, अपने लोगों की चिंता कर सकूं और इस देश में मुस्लिम होने पर अपमानिक महसूस करूं.

डॉ. शमा मोहम्मद ने भी इस पर पोस्ट किया कि गाजियाबाद में एक मुस्लिम बुजुर्ग अब्दुल समद सैफी को जय श्री राम नहीं बोलने पर पीटा गया. उनका कहना है कि उन्हें इतना पीटा गया कि दर्द बर्दाश्त से बाहर हो गया. कैंची से उन्होंने उसकी दाड़ी काट दी. आने वाले उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए भाजपा डिवाइड एंड रूल की नीति अपना रही है.

अश्विनी ने लिखा कि इन आरोपियों ने हमें हिंदू होने पर शर्मिंदा कर दिया. तुम हिंदू नहीं हो सकते हो. साथ में उन्होंने दोनों वीडियो का कोलाज भी पोस्ट किया.

The News Postmortem ने इसके लिए सबसे पहले गाजियाबाद पुलिस का ट्विटर अकाउंट चेक किया. इसमें मामले में एसपी ग्रामीण का कहना है कि बुलंदशहर अनुपशहर के निवासी अब्दुल समद 5 जून को लोनी बॉर्डर में आए थे. वहां से बाइक पर बैठकर बेहटा हाजीपुर गांव में गए. वहां उनको प्रवेश गुर्जर के घर पर जाना था. अब्दूल ताबीज बनाने का काम करते हैं. उन्होंने प्रवेश और गांव के अन्य लोगों को ताबीज बनाकर दिए हैं. काम नहीं बनने पर उन लोगों ने अब्दुल से मारपीट की. इस मामले में कल्लू गुर्जर और आदिल को गिरफ्तार किया जा चुका है. जबकि प्रवेश पहले से जेल में है. बाकी आरोपियों की तलाश जा रही है.

गाजियाबाद पुलिस के अनुसार, मारपीट में प्रवेश गुर्जर के अलावा कल्लू, पोली, आरिफ, आदिल और मुशाहिद समेत कुछ और भी शामिल थे. आरोप है कि अब्दुल समद के ताबीज से उनके परिवार से उल्टा असर हुआ था. आरोपी अब्दुल समद से पहले से परिचित थे.

organiser के अनुसार, पुलिस को जांच में वायरल वीडियो मिला तो पता चला कि उसमें बुजुर्ग से जय श्री राम बोलने के लिए नहीं कहा गया था. सारा विवाद ताबीज को लेकर था. वायरल वीडियो म्यूट है. इस वजह से सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई. बुजुर्ग की दूसरी वीडियो सपा नेता उमेद पहलवान के साथ फिल्माई गई है. आरोप है कि आल्ट न्यूज के संस्थापक प्रतीक सिन्हा और कोफाउंडर मोहम्मद जुबैर ने इस म्यूटेड वीडियो को फैलाया है, जिससे यह प्रोपेगैंडा फैल सके. पुलिस का मानना है कि जय श्री राम का एंगल विवाद को सांप्रदायिक रंग देने के लिए दिया गया है.

Postmortem रिपोर्ट: मुस्लिम बुजुर्ग को जय श्री राम बोलने पर नहीं पीटा गया है. इस विवाद को सांप्रदायिक रंग देने के लिए यह गंभीर आरोप लगाया गया है. ऐसा है तो उनका म्यूटेड वीडियो क्यों वायरल किया गया है. दूसरा वीडियो सपा नेता के घर का है. बुजुर्ग ने सपा नेता के घर जाकर यह बयान क्यों दिया. मारपीट में कुछ मुस्लिम भी गिरफ्तार हुए हैं.

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