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Fact Check: दिल्ली हिंसा के बाद पुलिसकर्मियों का वीडियो वायरल, रोते हुए बोले- नहीं चाहिए ऐसी नौकरी, जानिए क्या है सच

एक वीडियो व्हाट्सऐप, फेसबुक और ट्विटर पर तेजी से वायरल हो रहा है. 31 सेकंड के वीडियो में वर्दी पहने युवक हाथ जोड़कर कह रहा है, हमें नहीं करनी है नौकरी. हमने बहुत नौकरी कर ली है. हम सरकार से क्षमा मंगते हैं. क्यों सरकार से लाठी खाए किसान.

26 जनवरी के बाद किसान आंदोलन की तस्वीर कई बार बदल गई. 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. एक हादसे में किसान की मौत तक हो गई. कई किसानों के घायल होने की बात भी कही जा रही है. इसके बाद सिंघु और टीकरी बाॅर्डर पर जहां किसानों की संख्यर काफी कम रह गई, वहीं किसान नेता राकेश टिकैत के आंसुओं को देखकर हजारों की संख्या किसान वापस गाजीपुर बाॅर्डर पर लौटने लगे हैं. शुक्रवार को सिंघु बाॅर्डर पर किसानों पर हुए हमले ने भी माहौल को और गरमा दिया है. इस बीच सोशल मीडिया पर भी कई फर्जी पोस्ट वायरल हो रही है. इन्हीं में एक वीडियो भी व्हाट्सऐप, फेसबुक और ट्विटर पर तेजी से वायरल हो रहा है.

delhi violence 2021 viral video

31 सेकंड के वीडियो में वर्दी पहने युवक कैमरे के सामने हाथ जोड़कर कह रहा है, हमें नहीं करनी है नौकरी. हमने बहुत नौकरी कर ली है. हम सरकार से क्षमा मंगते हैं. हमंें नौकरी नहीं चाहिए. क्यों सरकार से लाठी खाए किसान. लाठीचार्ज करवा दिया.

इस वीडियो को किसान आंदोलन से जोड़कर वायरल किया जा रहा है. Sukhjin91738743 अकाउंट से 28 जनवरी को यह वीडियो ट्वीट किया गया. साथ में BBC World को टैग करते हुए लिखा गया,
@BBCWorld here is a clip from Delhi police crying out loud to government to stop the violence on farmers . Policeman is saying that he does Not want to work anymore for government

मतलब बीबसी वल्र्ड यह दिल्ली पुलिस का वीडियो है, जो सरकार से रोकर गुजारिश कर रही है कि किसानों के खिलाफ हिंसा बंद करो. पुलिसकर्मी कह रहा है कि वह सरकार के लिए और काम नहीं करना चाहता है.

इसी वीडियो को राजेंद्र सिंह ने भी 29 जनवरी को पोस्ट करते हुए लिखा,
किसानों पर लाठीचार्ज किया मोदी सरकार ने
रो दी जवान की आत्मा नौकरी छोड़ने को तैयार
बोला जब मेरे बाप को ही सरकार मार डालेगी
तो मैं जी कर क्या करुंगा…..
जय जवान जय किसान

डीएन यादव ने भी 29 जनवरी को वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा,
क्या किसी बिकाऊ मीडिया ने ये दिखाया.. देखिये कैसे पुलिस वाला बोला जब मेरे बाप को ही सरकार मार डालेगी तो मैं जी कर क्या करुंगा…..

जय जवान जय किसान

फेसबुक पर भी Cma Yogesh Kumar Rajput नाम से बने अकाउंट से यह वीडियो 29 जनवरी को पोस्ट करते हुए लिखा गया,
कैसे जवान भावुक हुआ बोला, नौकरी नही चाहिए, मेरे बाप को ही सरकार मार डालेगी तो मैं जी कर क्या करुंगा…..
जय जवान जय किसान

Farmers Protest Delhi Violence Viral Video

इसके अलावा कई यूजर्स ने इस पोस्ट को शेयर किया है.

Farmers Protest Violence Viral Video

The News Postmortem ने वीडियो की पड़ताल के लिए INVid टूल का सहारा लिया. इससे हें पता चला कि एक्टर एजाज खान ने भी इस वीडियो को 22 सितंबर 2020 को पोस्ट करते हुए दावा किया था कि यह उत्तर प्रदेश का है. वीडियो क्लिप किसी यूट्यूब चैनल की थी और उस पर टीजर लगा था, पुलिस मोदी योगी के खिलाफ.

इस ट्वीट के कमेंट में हमें अविनाश का जवाब मिला. उन्होंने thefollowup.in का वीडियो शेयर किया, जो झारखंड के सहायक पुलिसकर्मियों का था. हालांकि, इसमें वायरल वीडियो हीं मिला.

इसके बाद हमने यूट्यूब पर The Followup चैनल सर्च किया तो हमें यह वीडियो भी मिल गया. 18 सितंबर 2020 को अपलोडेड 6 मिनट के इस वीडियो की शुरुुआत में यह क्लिप मिल गई.

हमने इस आंदोलन के बारे में जानने के लिए गूगल पर सर्च किया तो प्रभात खबर का लिंक मिला. इसके मुताबिक, नियमित करने की मांग को लेकर नक्सल प्रभावित 12 जिलों के 2350 सहायक पुलिसकर्मी 12 सितंबर से आंदोलन कर रहे थे. 18 सितंबर को जब वे राजभवन और सीएम आवास घेरने जा रहे थे तो उन पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था. इस दौरान उन पर आंसू गैस के गोले भी दागे गए थे. इसमें कई आंदोलनकारी घायल हुए थे. इसके बाद सहायक पुलिसकर्मियों ने गुस्से में नौकरी छोड़ने का ऐलान कर दिया था. 23 सितंबर को इनका सेवा विस्तार दो साल और बढ़ाने का आश्वासन दिया गया तब जाकर इन्होंने अपना आंदोलन खत्म किया था.

Jharkhand Sahayak Policekarmi News in HIndi
Source: Prabhat Khabar

दरअसल, झारखंड के 12 नक्सल प्रभावित जिलों में अनुबंध पर वर्ष 2017 में 2500 सहायक पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की गई थी. 2 साल का कांट्रेक्ट खत्म होने के बाद इसे एक साल और बढ़ा दिया गया था. अगस्त 2020 में तीन साल का कांट्रैट पूरा होने के बाद सहायक पुलिस कर्मी सिपाही पद पर नियुक्ति की मांग करने लगे. इसके लिए उन्होंने कई नेताओं को पत्र लिखा लेकिन कोई कार्रवई नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया था.

Jharkhand Sahayak Police News Hindi

Postmortem रिपोर्टः यह वीडियो दिल्ली पुलिस का नहीं बल्कि झारखंड के सहायक पुलिसकर्मियों का है. इसका किसान आंदोलन से कोई संबंध नहीं है.

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