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#FactCheck दिग्विजय सिंह ने 50 रुपये के प्लेटफार्म टिकट को किया ट्वीट, सच्चाई है कुछ और

5 रुपये का प्लेटफॉर्म टिकट 50 रुपये का हो गया और कितना विकास चाहिए? कुछ इस तरह के मैसेज के साथ पुणे जंक्शन का प्लेटफार्म टिकट वायरल हो रहा है.

5 रुपये का प्लेटफॉर्म टिकट 50 रुपये का हो गया और कितना विकास चाहिए? इस तरह का मैसेज आजकल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सऐप पर पुणे जंक्शन का टिकट तैर रहा है. यह प्लेटफार्म टिकट है, जिसका रेट 50 रुपये है. इसके साथ ही भाजपा सरकार पर निशाना साधा जा रहा है. खुद दिग्गज कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह और पत्रकार प्रशांत कन्नौजिया ने भी इसको लेकर ट्वीट किया है.

Pune Junction Railway Platform Ticket

digvijaya singh @digvijaya_28 ने 18 अगस्त को इस फोटो पोस्ट की. इसमें रेलवे प्लेटफार्म के पुराने ​और पुणे जंक्शन का टिकट का कोलाज है. साथ में लिखा है,
कांग्रेस राज में रेलवे प्लेटफ़ॉर्म टिकिट ₹3 का भाजपा राज ₹50 हुआ। जय सियाराम।
इस ट्वीट को अब तक 3100 से ज्यादा लोग रिट्वीट कर चुके हैं.

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Prashant Kanojia @PJkanojia ने भी 17 अगस्त को पुणे जंक्शन के टिकट की फोटो ट्वीट की. उन्होंने लिखा,
5 रुपये का प्लेटफॉर्म टिकट 50 रुपये का हो गया और कितना विकास चाहिए?
इसको भी अब तक 1900 से ज्यादा लोग रिट्वीट कर चुके हैं.

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Prashant Kanojia Tweet

व्हाट्सऐप पर भी इसी तरह के मैसेज के साथ यह टिकट वायरल हो रहा है. फेसबुक पर भी राष्ट्रीय जनता दल के नेता Yaduvanshi Chandan ने इसको लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने 19 अगस्त को पुणे जंक्शन के प्लेटफार्म टिकट की फोटो ट्वीट करते हुए लिखा,
5 रुपये का प्लेटफॉर्म टिकट 50 रुपये का हो गया और कितना विकास चाहिए?

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इसको लेकर The News Postmortem ने जब पड़ताल की तो मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के ट्वीट के कमेंट्स में ही इसका जवाब भी मिला. Ankur Singh @iAnkurSingh ने कमेंट में लिखा,
रेलवे ने मार्च में प्लेटफार्म टिकट के दाम बढ़ा दिए थे. इसका मकसद स्टेशन ज्यादा लोगों को आने से रोकना था, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके.
अगर स्टेशन पर ज्यादा लोग होंगे तो तुम लोग सोशल डिस्टेंसिंग के रोगे.
यह कोई स्थायी दाम नहीं हैं. महामारी खत्म होने के बाद इसे वापस ले लिया जाएगा.

Digvijay Singh Tweet

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पड़ताल में हमें रेलवे की तरफ से जारी बयान भी मिला. 18 अगस्त को किए गए इस ट्वीट में लिखा है,
पुणे जंक्शन द्वारा प्लेटफार्म टिकट का मूल्य ₹50 रखने का उद्देश्य अनावश्यक रूप से स्टेशन पर आने वालों पर रोक लगाना है, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके।
रेलवे प्लेटफार्म टिकट की दरों को कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों से ही इसी प्रकार नियंत्रित करता आया है।

Indian Railway Tweet

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17 मार्च को News 18 में छपी खबर के मुताबिक, कोविड—19 को देखते हुए 16 मार्च को रेलवे ने देश के 250 रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफार्म टिकट के दाम 10 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये करने का फैसला किया था. इसका मकसद स्टेशनों पर भीड़ को कम करना था. यह कदम अस्थायी तौर पर उठाया गया है मतलब बाद में प्लेटफार्म टिकट के दाम फिर से कम कर जाएंगे.

Postmortem रिपोर्ट: यह कहना गलत होगा कि प्लेटफार्म टिकट के दाम रेलवे की आमदनी बढ़ाने के लिए बढ़ाए गए हैं. इसका मकसद प्लेटफार्म पर से भीड़ कम करना है, जिससे सोशल ​डिस्टेंस का ध्यान रखा जा सके. महामारी के खात्मे के बाद दाम फिर से कम कर दिए जाएंगे.

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