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#FactCheck पोस्टर पर एडिट करके लिखा गया राहुल ​गांधी, जानिए पहले किसका नाम लिखा था

सोशल मीडिया पर राजनीतिक दलों के समर्थक एक—दूसरे के नेताओं की छवि बिगाड़ने के लिएसभी हथकंड अपनाते हैं. 21 जुलाई को ट्विटर पर कुछ लोगों ने एक तस्वीर ट्वीट की. इसमें लिखा था, जीना है तो इज्जत से जियो बेइज्जती से तो राहुल गांधी भी जी रहे हैं. The News Postmortem की पड़ताल में यह तस्वीर फेक निकली.

21 जुलाई ट्विटर पर कांग्रेस और भाजपा की मीडिया सेल आमने—सामने रहीं. इस दौरान #NonsenseSambitPatra और #NonsenseRahulgandhi काफी ट्रेंड हुआ. इस बीच कई ऐसे ट्र्वीट हुए, जिनमें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर तंज कसा गया. इस तरह के ट्वीट कई लोगों ने किए.

इंडियन @Rajan68827302 नाम से बने ट्विटर अकाउंट से ट्ववीट किया गया,
मैं इससे सहमत हूं, आपकी क्या राय है.
इसमें एक फोटो पोस्ट की गई, जिसमें एक प्रदर्शनकारी एक पोस्टर पकड़े हुए हैं. इस पर लिखा है,
जीना है तो इज्जत से जियो बेइज्जती से तो राहुल गांधी भी जी रहे हैं.
इस ट्वीट को 277 लोगों ने रिट्वीअ किया है जबकि 397 ने लाइक किया है.

इसके अलावा PM Narendra Modi Fans @Prashan16797105 नाम से बने ट्विटर हैंडल से भी इसी तरह की फोटो पोस्ट की गई. इसको 339 लोगों ने रिट्वीट किया जबकि 500 से ज्यादा लोगों ने लाइक किया है.

आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें.

ट्वीट की गई तस्वीरों को देखने से पता चलता है कि इमेज को एडिट किया गया है. पोस्टर पर राहुल गांधी अलग फॉन्ट में लिखा गया है जबकि बाकी मैटर अलग फॉन्ट में है. इस पर शक हुआ तो The News Postmortem ने इसकी हकीकत जानने के लिए Google की सहायता ली.

Google पर इमेज सर्च करने पर हमें कुछ पुरानी फेसबुक पोस्ट मिलीं. इनमें तस्वीर तो एक जैसी थी लेकिन प्ला कार्ड पर राहुल गांधी की जगह मनोज तिवारी लिखा हुआ था. डक यू नाम के एक फेसबुक पेज पर 17 जनवरी को इसी तरह की फोटो पोस्ट की गई थी. उस पर लिखा था,
जीना है तो इज्जत से जियो बेइज्जती से तो मनोज तिवारी भी जी रहे हैं.

इसके अलावा हमें एक और फेसबुक पोस्ट मिली. एंटी मोदी वायरस नाम से बने फेसबुक पेज पर ऐसी ही पोस्ट मिली. 21 जनवरी को पोस्ट की गई इस तस्वीर में भी राहुल गांधी की जगह मनोज तिवारी लिखा हुआ है.

Viral Photo after Jamia Millia Islamia Case in Delhi

गूगल पर और खंगालने के बाद हमें 15 जनवरी का Nigah Ban @Nighah11 ट्विटर अकाउंट से किया एक ट्वीट मिला. इसमें भी इसी तरह की तस्वीर थी. इसमें भी मनोज तिवारी लिखा हुआ था. साथ में लिखा हुआ था, प्रदर्शकनकारियों की तस्वीर. ट्वीट के साथ में Chalo Jamia का हैश टैग भी था.

आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें.

Twitter पर #ChaloJamia सर्च करने पर पता चला कि यह नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन से संबंधित है. जामिया मिलिया इस्लामिया में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे. इसके बाद 15 दिसंबर 2019 को दिल्ली पुलिस पर वहां के छात्र और छात्राओं पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगा था. इसके कई वीडियो भी वायरल हुए थे. इसके विरोध में 15 जनवरी 2010 को जामिया में सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया गया था. इसको लेकर यह ट्विटर पर काफी ट्रेंड हुआ था.

आज तक के मुताबिक, इस तस्वीर को राहुल गांधी के जन्मदिन पर भी काफी पोस्ट किया गया था. तस्वीर में ध्यान से देखने पर 8 नंबर का एक बोर्ड दिखता है. खोजबीन के बाद पता चलता है कि हरे रंग का यह बोर्ड जामिया मिलिया इस्लामिया के गेट नंबर 8 का है. इससे पता चलता है कि यह बात तत्कालीन दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी के लिए लिखी गई थी.

Postmortem रिपोर्ट: The News Postmortem की छानबीन में यह पोस्ट फेक निकली. इस पोस्टर पर राहुल गांधी नहीं लिखा हुआ है.

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