Home Political सच #FactCheck अखिलेश यादव ने नहीं किया है राम मंदिर से संबंधित ट्वीट

#FactCheck अखिलेश यादव ने नहीं किया है राम मंदिर से संबंधित ट्वीट

अखिलेश यादव के नाम से एक वि​वादित ट्वीट का स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है. इसमें कहा गया है कि हमारी सरकार होती तो मैं नेता जी के नक्शेकदम पर चलता. चाहे जितनी चाहे जानें जातीं, लेकिन कभी राम मंदिर नहीं बनने देता। The News Postmortem की पड़ताल में यह ट्ववीट फर्जी निकला.

राम मंदिर निर्माण का भूमि पूजन 5 अगस्त को होगा. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के निर्माण का शिलान्शस करेंगे. इस बीच सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट तेजी से फैल रहा है. इसको लेकर कई लोग नाराजगी जता रहे हैं.

19 जुलाई को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बरेली के अस्पताल में बने कोविड—19 वार्ड में बह रहे झरने का वीडियो पोस्ट किया है. इसके जवाब में ट्विटर यूजर विशाल @Vishal87972444 ने एक अखिलेश यादव के ट्वीट का एक स्क्रीनशॉट पोस्ट किया है. इसमें लिखा है,
समाजवादी पार्टी कि आंखों से गिर रहा झरना रुकने का नाम नहीं ले रहा।
रुकेगा भी नहीं, जब तक राम भक्तों की बद्दुआ रहेगी।

वहीं, ट्ववीट के स्क्रीनशॉट में लिखा है,
हमारी सरकार होती तो मैं नेता जी के नक्शेकदम पर चलता. चाहे जितनी चाहे जानें जातीं, लेकिन कभी राम मंदिर नहीं बनने देता।
यहां नेता जी से मतलब उनके पिता मुलायम सिंह यादव से है. ट्वीट के 222 रिट्वीट और 4333 लाइक्स दिख रहे हैं. ट्वीट पर 3 नवंबर 2019 का समय दिया गया है. यह ट्वीट सामने आने के बाद The News Postmortem की टीम ने इसकी पड़ताल शुरू की.

हमने इस ट्वीट को ट्विटर पर एडवांस सर्च की मदद से खंगाला. इसमें हमनें 2 नवंबर 2019 से लेकर 4 नवंबर 2019 तक के अखिलेश यादव के अकाउंट से किए गए ट्वीट देखे. इनमें 3 नवंबर 2019 को कोई भी ट्वीट नहीं मिला. इतना ही नहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के अकाउंट से 3 नवंबर को कोई भी ट्वीट नहीं मिला.

ट्विटर एडवांस सर्च का रिजल्ट यहां देखें

इसका आर्काइव देखने के लिए हमने वे बैक मशीन की मदद ली. इसमें लिंक डालकर पर हमने कैंलेडर पर नवंबर 2019 में खोजबीन की. सर्च करने पर हमें 2 और 4 नवंबर 2019 को तो अकाउंट से किए गए ट्वीट मिले लेकिन 3 नवंबर को कोई भी ट्वीट नहीं मिला. इससे यह पता चलता है कि 3 नवंबर को अखिलेश यादव के ट्विटर अकाउंट से कोई ट्वीट नहीं किया गया है. मतलब यह स्क्रीन शॉट फर्जी है.

आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें

9 नवंबर 2019 को अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था. इसमें राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया था. इसके बाद अखिलेश यादव ने ट्वीट किया था,
जो फ़ैसले फ़ासलों को घटाते हैं
वो इंसा को बेहतर इंसा बनाते हैं

Akhilesh Yadav Tweet on Supreme Court Decision on Ram Mandir

अब हम बात करते हैं 1990 की. आज तक के अनुसार, अखिलेश यादव के पिता एवं सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे.अयोध्या में कर्फ्यू लगा हुआ था. साधु—संतों और कारसेवकों की भीड़ अयोध्या की ओर कूच कर रही थी. बाबरी मस्जिद के आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग कर दी गई थी. 2 नवंबर को हजारों की संख्या में कारसेवक हनुमान गढ़ी के पास पहुंच गए थे. उस वक्त पुलिस ने कारसेवकों पर फायरिंग कर दी थी. इसमें डेढ़ दर्जन लोग मारे गए थे. कई साल बाद मुलायम सिंह ने कहा था कि उस वक्त उनके सामने मंदिर-मस्जिद व देश की एकता का सवाल था. इसी एकता के लिए उनको गोली चलवाने का फैसला लेना पड़ा था. बाद में उन्होंने इस पर अफसोस भी जताया था.

Postmortem रिपोर्ट: सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा अखिलेश यादव का ट्वीट फर्जी है. इस तरह का कोई भी ट्वीट सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नहीं किया है.

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