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Fact Check: सपा सरकार के समय की फोटो भाजपा राज की बता रहे कांग्रेसी नेता, संगीत सोम से जुड़ा है यह मामला

Chhattisgarh Youth Congress ने यह फोटो ट्वीट करते हुए लिखा है, जिस जिस ने अपने अधिकार की आवाज उठाई मोदी जी आपने सभी पर लाठियां बरसाई है.

कृषि सुधार बिल को लेकर भाजपा सरकार विपक्ष के निशाने पर हैं. इसको लेकर किसान भी कई जगह प्रदर्शन कर रहे हैं. इसको लेकर संसद में भी काफी हंगामा हो चुका है. सोश्सल मीडिया पर भी भाजपा और विपक्षी दल भिड़े हुए हैं. इस बीच ट्विटर और फेसबुक पर एक फोटो काफी वायरल हो रही है. इसमें किसान हाथ में ईंट लिए हुए हैं जबकि उसके सामने एक पुलिस अधिकारी हाथ में पिस्टल लेकर खड़ा है. इसे किसान बिल से जुड़े प्रदर्शनों से जोड़कर देखा जा रहा है.

Chhattisgarh Youth Congress @IYCChhattisgarh ने 20 सितंबर को यह फोटो ट्वीट करते हुए लिखा है,
जिस जिस ने अपने अधिकार की आवाज उठाई मोदी जी आपने सभी पर लाठियां बरसाई है…

Krishi Reform Bill

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इसके अलावा Satveer Choudhary @SatveerINC ने भी 20 सितंबर को यह फोटो पोस्ट की. उन्होंने लिखा,
मत मारो गोलियो से मुझे मैं पहले से एक दुखी इंसान हूँ..!
मेरी मौत कि वजह यही हैं कि मैं पेशे से एक किसान हूँ..!
सतवीर चौधरी की प्रोफाइल में लिखा है कि वह राजस्थाना यूनिवर्सिटी के छात्र संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं. साथ ही वह नेशनल स्टूडेंट यूनियन के राष्ट्रीय सचिव हैं. इसी तरह से कई और ट्विटर यूजर्स ने

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पोस्ट की गई फोटो को रिवर्स इमेज के सहारे गूगल पर तलाश किया तो हमें कई खबरों के लिंक मिले. The Logical Indian में 4 अक्टूबर 2018 को पब्लिश खबर में इस फोटो का जिक्र है. खबर के मुताबिक, 2 अक्टूबर 2018 को कविता कृष्णन ने इस फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था,
Look at the farmer with a brick in his hand, facing a cop with a gun.
If you don’t think the farmer is a terrorist – and I hope you don’t – if you empathise with his anger, I hope you’ll think again before you call a Kashmiri kid with a stone in his hand a terrorist.
मतलब किसान हाथ में ईंट लिए बंदूकधारी पुलिसवाले का सामना कर रहा है. मुझे नहीं लगता है कि किसान आतंकवादी है, आपको भी नहीं लगता होगा. अगर आपको उसके गुस्से के साथ सहानुभूति है तो पत्थर लिए हुए कश्मीरी लड़के को आतंकी बोलने से पहले दोबारा सोचिए.
कविता कृष्णन CPI (ML) की पोलित ब्यूरो की सदस्य हैं. खबर के मुताबिक, यह फोटो 2013 की है.

Kavita Krishnan Tweet on Farmers

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गूगल पर और तलाशने पर हमें पता चला कि यह फोटो 2013 की मेरठ की है. उस समय उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी. Indian Express के मुताबिक, मामला मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़ा हुआ है. मुजफ्फरनगर दंगों में भाजपा विधायक संगीत सोम का नाम आने और उन पर नेशनल सिक्योरिटर एक्ट (NSA) लगाने के विरोध में उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना के खेड़ा गांव में महापंचायत बुलाई गई थी.

Meerut Mahapanchayat

प्रशासन ने महापंचायत पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके लिए संगीत सोम से भी इसे रुकवाने की गुजारिश की गई थी. इसको लेकर उन्होंने भी अपनी तरफ से इसे रोकने का संदेश दिया था लेकिन 24 गांवों तक यह मैसेज ठीक से नहीं पहुंच पाया और रविवार को काफी संख्या में ​महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ युवा वहां पहुंच गए. सुबह होते—होते वहां लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. वे महापंचायत करने पर अड़ गए. वे संगीत सोम पर से एनएसए की धारा हटाने और दंगों में गिरफ्तार किए गए लोगों की छोड़ने की मांग करने लगे. इसको लेकर पुलिस से उनका आमना—सामना हुआ. इसमें महिलाओं व पुलिसवालों समेत छह लोग घायल हो गए थे. हालात काबू में करने के लिए पुलिस को हवा में फायरिंग करने के साथ ही आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े थे.

Postmortem रिपोर्ट: कृषि सुधार बिल पर हो रहे हंगामे के बीच कांग्रेसी नेताओं द्वारा पोस्ट की जा रही किसान की फोटो वर्ष 2013 की है. मामला मुजफ्फरनगर दंगों में संगीत सोम का नाम आने से जुड़ा है न कि कृषि सुधार बिल से. साथ ही 2013 में उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सर​कार थी न कि भाजपा की.

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