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#Factcheck क्या इटली के वैज्ञानिकों के मुताबिक Covid-19 वायरस से नहीं बल्कि बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है, जानिए सच

सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि Covid-19 महामारी एक ग्लोबल घोटाला है. ये वायरस से नहीं बल्कि बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है. इटली के वैज्ञानिकों की रिसर्च पर किया जा रहा है फर्जी दावा.

देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 46 लाख के पार हो गयी है और अब रोजाना एक लाख के करीब नए मरीज सामने आ रहे हैं. वहीँ इस महामारी की शुरुआत से लेकर अभी तक इसको लेकर अफवाहों का बाजार लगातार गर्म है. कुछ ऐसा ही मैसेज इन दिनों सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफ़ॉर्म पर वायरल हो रहा है. जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि कोरोना को लेकर WHO ने दुनिया को धोखे में रखा है. ये एक बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है. इटली के डॉक्टरों की एक टीम ने कोरोना से मरीज के शव का पोस्टमार्टम लेकर इसका खुलासा किया है. करीब 1200 शब्दों का ये मैसेज सोशल मीडिया पर लोग खूब शेयर कर रहे हैं.

The News Postmortem ने इस मैसेज के दावों की पड़ताल शुरू की. वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि WHO और चीन ने जानबूझकर तथ्यों को छिपाया. ये बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है. जब हमने WHO की वेबसाइट सर्च की तो उसमें स्पष्ट है कि ये बीमारी वायरस से फैल रही है. पूर्व में भी इस तरह की अफवाहों पर WHO ने स्पष्टीकरण दिया था. अगर ये बीमारी वायरस से फैलती तो इटली वैक्सीन कार्यक्रम में क्यों शामिल होता. उसके यहाँ भी 24 अगस्त से वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल चल रहा है.

इसके बाद मैसेज में एक और दावा किया जा रहा है कि WHO covid-19 के नियमों के तहत पोस्टमार्टम की इजाजत नहीं देता. जबकि WHO ने कभी भी इस तरह की कोई गाइड लाइन जारी नहीं की, जिससे इस बीमारी की रिसर्च को रोका जा रहा हो. WHO की वेबसाइट पर इस तरह की कोई जानकारी नहीं है.

वहीँ ये भी दावा किया जा रहा है कि ये एक ग्लोबल घोटाला है. लोग कोरोना से नहीं बल्कि 5G इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन जहर से मर रहे हैं. लेकिन दुनिया भर में इस बीमारी से प्रभावित देश इस बीमारी से मौतों और संक्रमित मरीजों का आंकड़ा खुद WHO को देते हैं. इसलिए इस तरह का आरोप निराधार है. जब हमने इस दावे को लेकर सर्च किया तो हमें 5 अप्रैल 2020 NBT का एक लिंक मिला. जिसमें इस दावे को गलत ठहराया गया है.

इसके साथ ही इस मैसेज में ये भी दावा किया जा रहा है कि ये बैक्टीरिया से होने वाली सामान्य बीमारी है. वो भी गलत है. PIB फैक्ट चेक टीम और WHO इसे खारिज कर चुका है.तब इसको लेकर एक वीडियो जारी किया गया था.

ये बीमारी वायरस से नहीं बल्कि बैक्टीरिया से फैल रही है, इस दावे की पड़ताल The News Postmortem भी 25 जुलाई को कर चुका है. इस तरह का दावा पूरी तरह फर्जी है.

Postmortem रिपोर्ट: वायरल मैसेज पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठ है. कोरोना महामारी वायरस से फैल रही है. इसके साथ ही जो दावे किये जा रहे हैं वो पूरी तरह गलत हैं.

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