Home COVID-19 Truth #FactCheck क्या कोरोना वायरस से नहीं बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है

#FactCheck क्या कोरोना वायरस से नहीं बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है

क्या कोरोना वायरस नहीं बल्कि बैक्टीरियल इंफेक्शन है और मरीज केवल एक दिन में ठीक हो जाता है? इस मैसेज के साथ एक वीडियो वायरल हो रहा है. हमारी पड़ताल में यह मैसेज फेक साबित हुआ. इस तरह के किसी भी मैसेज को फॉरवर्ड न करें और हमारे साथ इस मुहिम में हमारा साथ दें.

देश में कोरोना वायरस के मरीज 13 लाख पार कर चुके हैं. दिनों—दिन स्थिति गंभीर होती जा रही है. वहीं Covid-19 को लेकर लोगों में अब भी भ्रम दूर नहीं हो रहा है. रोजाना सोशल मीडिया पर कई ऐसी भ्रामक सूचनाएं तैरती हैं, जिनसे आम लोग कंफ्यूज हो जाते हैं. जी हां, हमारे एक पाठक ने हमें ऐसा ही एक वीडियो भेजा, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस नहीं बल्कि बैक्टीरिया से फैल रहा है. WHO ने दुनिया को धोखा दिया.

टीम The News Postmortem ने इस वीडियो की पड़ताल शुरू की. भेजा गया वीडियो 3 मिनट 52 सेकेंड का है. इस वीडियो के साथ एक मैसेज भी लिखा है. Finally W.H.O. cheated the world, Corona is not a virus but a bacterial infection and patient cure only in one day. See the video and make it viral send to many as possible…

इसका हिंदी अनुवाद है, WHO ने दुनिया को धोखा दिया है. कोरोना वायरस से नहीं बल्कि बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है. यह महज एक दिन में ठीक हो सकती है. इस वीडियो को देखने के बाद ज्यादा से ज्यादा शेयर करें. चूंकि कोरोना वायरस के साथ ही इससे जुड़े कई भ्रामक मिथक सामने आ रहे हैं. जिन पर यकीन नहीं हो सकता है. इसको लेकर हमने सबसे पहले WHO की वेबसाइट पर सर्च किया तो हमें वहां इसका ही खंडन मिल गया. उसमें स्पष्ट है कि कोरोना वायरस से फैलता है न कि बैक्टीरिया से.

Source:WHO

इसके बाद हमने इस पर सर्च किया तो हमें PIB के अधिकृत ट्विटर एकाउंट से भी 4 जून 2020 का एक ट्वीट मिला. जिसमें PIB फैक्ट चेक टीम ने इसे फेक बताया है.

वहीं इस बारे में Times of India और The Quint भी जून में अलग-अलग तारीखों में फैक्ट चेक कर चुके हैं, जिसमें वीडियो में किये जा रहे दावों को गलत ठहराया है.

यहां बता दें कि कोरोना को लेकर तमाम तरह की भ्रांतियां और आधे-अधूरे मैसेज वीडियो वायरल हो रहे हैं. उन्हीं में से एक ये भी है. किसी में गर्म पानी और चाय से कोरोना ठीक होने का दावा किया जा रहा है तो किसी में कुछ और. जबकि अभी तक इस महामारी से निपटने के लिए कोई प्रमाणिक दवा नहीं बनी है. भारत समेत कई देशों में इस समय कोरोना की वैक्सीन दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल में है.

Postmortem रिपोर्ट: हमारी पड़ताल में ये साबित हो गया कि वीडियो में किये जा रहे दावे एकदम गलत हैं. कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी है न कि बैक्टीरिया से.

डोनेट करें!
न हम लेफ्ट के साथ हैं और न राइट के साथ. हम बस सच के साथ हैं. पत्रकारिता निष्पक्ष होनी चाहिए. फर्जी और नफरत फैलाने वाली खबरों के खिलाफ हम हमेशा जंग लड़ते रहेंगे और आपको ऐसी फेक पोस्ट से सचेत करते रहेंगे. अगर आप हमारा समर्थन करते हैं तो नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें हमें कुछ आर्थिक मदद दें और हमारा उत्साह बढ़ाएं.

Donate Now

FACT CHECK :

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Fact Check: जमीन पर गिरे शख्स पर कूदने वाला फोटोग्राफर गिरफ्तार, जानिए किस संस्थान के साथ जुड़ा है आरोपी

असम में पुलिस फायरिंग और लाठीचार्ज के बाद राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा जा रहा है. इसकी कई तस्वीरें और वीडियो...

Fact Check: क्या BBC के भ्रष्ट पार्टियों के सर्वे में Congress तीसरे नंबर पर है? जानिए क्या है सच

क्या BBC ने कोई सर्वे कराया है? जिसमें रिजल्ट आया है कि विश्व की 10 सबसे भ्रष्ट राजनैतिक पार्टियों में कांग्रेस तीसरे...

Fact Check: हाईकोर्ट ने लगाई थी गंगा व यमुना में मूर्ति विसर्जित करने पर रोक, अखिलेश यादव ने नहीं रोका था गणपति विसर्जन से

क्या सन् 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आदेश पर वाराणसी में गणपति के प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगी थी? क्या...

Fact Check: नागपुर में CM आवास के पास हिंदू लड़कियों ने अपनी मर्जी से पहना हिजाब, जानिए कब होता है World Hijab Day

क्या नागपुर में कुछ मुस्लिम महिलाओं ने हिंदू लड़कियों को हिजाब पहनाया है? इस तरह के दावे के साथ सोशल मीडिया पर...

Recent Comments

vibhash