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#FactCheck केंद्र सरकार तीन हजार भिखारियों से नहीं कराएगी प्रचार, अखबारों ने छाप दी फर्जी खबर

सोशल मीडिया पर एक नामी हिंदी अखबार का सम्पादकीय की कटिंग वायरल हो रही है. जिसमें दावा किया गया कि केंद्र सरकार रेलवे स्टेशन पर भिखारियों के जरिये अपनी योजनाओं का प्रचार करवाएगी. जबकि ये पूरी तरह से फर्जी दावा है.

सोशल मीडिया पर  एक नामी अखबार के सम्पादकीय की कटिंग पोस्ट वायरल हो रही है. जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार अपनी योजनाओं के प्रचार के लिए देश भर में अलग-अलग रेलवे स्टेशन पर तीन हजार भिखारियों को नियुक्त करेगी. इस खबर के वायरल होने के बाद PIB फैक्ट चेक ने इसका खंडन किया है. जिसमें इस तरह की किसी भी योजना या आदेश न होने की बात कही है. इस पोस्ट की हमने पड़ताल की.

The News Postmortem ने इस पोस्ट को सर्च किया तो हमें फेसबुक पर एक पोस्ट गिरीश मालवीय नामक यूजर द्वारा 10 अगस्त को एक पोस्ट मिली. जिसमें उन्होंने इस फोटो के साथ एक मैसेज भी लिखा है, इसमें कई नामचीन मीडिया कर्मियों पर भी तंज कसा है.इस पोस्ट में जय प्रकाश चौकसे का लेख है, जिसका टाइटल परदे के पीछे लिखा है. एक मेल आई डी भी दी है. जिसमें इनके दैनिक भास्कर से जुड़ा होना पता चल रहा है.

https://www.facebook.com/photo?fbid=3619004058152530&set=a.261764047209898

इसके बाद हमें कपिल देव नामक यूजर के एकाउंट से भी ये पोस्ट मिली. उन्होंने ने भी 10 अगस्त को पोस्ट की थी.उन्होंने भी इसे मजाक बताते हुए तंज किया और लिखा मात्र तीन हजार

https://www.facebook.com/photo?fbid=3619004058152530&set=a.261764047209898

लगातार वायरल हो रही इस पोस्ट को PIB फैक्ट चेक ने गलत ठहराया और 16 अगस्त को ट्वीट कर इसे फर्जी खबर करार देते हुए इसका खंडन किया. जिसमें कहा गया कि सूचना प्रसारण मंत्रालय द्वारा ऐसी कोई योजना या आदेश नहीं दिया गया.

हमने इस वायरल हो रही पोस्ट को लेकर गूगल पर और सर्च किया तो हमें 4 अगस्त 2015 की पत्रिका डिजिटल की एक खबर का लिंक मिला, जिसकी हैडिंग थी सरकारी योजनाओं का गुणगान करेंगे भिखारी,मिलेगी सैलरी. यानि इस तरह की खबरें कई साल से चल रहीं थीं. जबकि सरकार या केंद्र सरकार के किसी विभाग ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया.

Postmortem रिपोर्ट:- पड़ताल में ये खबर पूरी तरह फेक साबित हुईं. केंद्र सरकार ने ऐसी कोई योजना नहीं शुरू की है. मीडिया संस्थानों ने बिना किसी पुष्टि के ये फर्जी खबर छाप दी है. ऐसी अफवाहों से बचें.

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