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#FactCheck COVID-19 के घरेलू इलाज का दावा फर्जी, भाजपा सांसद के नाम से फर्जी पोस्ट वायरल

क्या एक भारतीय छात्र ने Covid—19 का घरेलू उपचार खोज लिया है और क्या बागपत से भाजपा सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने भी इस पर खुशी जाहिर की है?

क्या पॉन्डिचेरी विश्व विद्यालय के एक भारतीय छात्र ने Covid—19 का घरेलू उपचार खोज लिया है? क्या भाजपा सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने भी सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट डाली है? इसमं बताया गया है कि पॉन्डिचेरी के एक छात्र ने कोविड—19 का घरेलू इलाज ढूंढ लिया है. इसको वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने भी मान्यता दे दी है. The News Postmortem को भी इस तरह की पोस्ट भेजकर इसकी जांच करने की गुजारिश की गई.

हमारे एक पाठक ने एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट भेजा है. इसमें लिखा है,
एक सुखद समाचार
अन्ततोगत्वा पॉन्डिचेरी विश्वविद्यालय के एक भारतीय छात्र रामू ने Covid—19 का घरेलू उपचार खोज लिया, जिसे WHO ने पहली बार में ही स्वीकृति प्रदान कर दी।
उसने सिद्ध कर दिया कि एक चाय के चम्मच भरकर काली मिर्च का चूर्ण, दो चम्मच शहद,
थोड़ा सा अदरख का रस लगातार 5 दिनों तक लिया जाए तो कोरोना के प्रभाव को 100% तक समाप्त किया जा सकता है।
सम्पूर्ण जगत इस उपचार को लेना आरम्भ कर रहा है। अन्ततः2020 में एक सुखद अनुभव।
इसे अपने सभी समूहों में प्रेषित अवश्य करें।
धन्यवाद

COVID-19 Truth in hindi

हमने इस ट्विटर अकाउंट को भी चेक किया तो हमें 4 सितंबर का ट्वीट मिला.

COVID-19 fake post

पोस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें.

इसी पोस्ट से संबंधित एक खबर का लिंक भी हमें एक व्हाट्सग्रुप पर मिला. इसमें दैनिक जनवाणी न्यूज पोर्टल में 3 सितंबर को छपी खबर लिंक था. इसका टाइटल है, रामू ने खोजा उपचार, सांसद ने जताई खुशी. खबर में लिखा है कि पांडिचेरी विश्वविद्यालय के एक छात्र रामू ने कोरोना का इलाज ढूंढ लिया है. इस घरेलू इलाज से 5 दिन में कोरोना का असर खत्म हो जाता है. इसको डब्ल्यूएचओ से भी स्वीकृति मिल गई है. बागपत से भाजपा सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने इसको लेकर खुशी जाहिर की है. खबर के मुताबिक, भाजपा सांसद ने खुशी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली है. साथ ही उन्होंने छात्र को बधाई भी दी है.

आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें.

हमने सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह का ट्विटर अकाउंट चेक किया लेकिन इस तरह की कोई भी पोस्ट नहीं मिली. इसके बाद हमने उनका वेरीफाइड फेसबुक पेज भी चेक किया. उसमें 4 सितंबर की रात 10.04 मिनट पर उन्होंने एक पोस्ट की है. इसमें लिखा है,
सूचना: जो मेरे नाम से कोरोना (Covid-19) की काली मिर्च, अदरख, शहद वाली दवाई का प्रचार चल रहा है वह फेक है, इससे मेरा कोई लेना देना नहीं हैं.

सूचना:- जो मेरे नाम से कोरोना (Covid-19) की काली मिर्च, अदरख, शहद वाली दवाई का प्रचार चल रहा है वह फेक है, इससे मेरा कोई लेना देना नहीं हैं ll

Posted by Dr. Satyapal Singh on Friday, September 4, 2020

इससे यह तो साबित हो गया कि खबर बिना जांच पड़ताल के ही लिखी गई है. सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने इस तरह की कोई पोस्ट नहीं की है. पॉन्डिचेरी के छात्र की पड़ताल के लिए हमने गूगल का सहारा लिया. Boomlive के मुताबिक, पॉन्डिचेरी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर (VC) गुरमीत सिंह ने इस तरह के किसी भी दावे को खारिज किया है. उनका कहना है कि यह पोस्ट फेक है. यूनिवर्सिटी को बेवजह घसीटा जा रहा है. उनके किसी भी छात्र ने कोविड—19 के इलाज के संबंध में कोई खोज नहीं की है.

रही बात कोरोना की दवा या वैक्सीन की तो रूस ने इसकी वैक्सीन बनाने का दावा किया है लेकिन इस पर सवाल उठाए गए हैं. डब्ल्यूएचओ ने अगले साल वैक्सीन मिलने की उम्मीद की है. वहीं, अमर उजाला के मुताबिक, अमेरिका इस साल अक्टूबर या नवंबर तक दो वैक्सीन तैयार कर सकता है.

Covid-19 vaccine latest news
Source: Google

Postmortem रिपोर्ट: पॉन्डिचेरी के किसी भी छात्र ने कोरोना के किसी भी इलाज की कोई खोज नहीं की है. रूस के दावे को छोड़ दें तो अभी तक कोरोना की वैक्सीन ही नहीं बनी है. साथ ही भाजपा सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने भी इस तरह की कोई पोस्ट नहीं की है.

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