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#FactCheck बिहार या असम की नहीं बल्कि बांग्लादेश की है यह फोटो, Vishal Dadlani ने भी की रिट्वीट

बाढ़ में महिला के पेड़ पर बैठे होने की फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है. इसे बिहार या असम का बताया जा रहा है. ऐसे ही एक ट्वीट को मशहूर गायक और म्यूजिक कंपोजर विशाल डडलानी ने भी रिट्वीट किया है.

बिहार में साल के अंत तक चुनाव होने हैं. चुनाव नजदीक होने पर कोरोना बाढ़ को लेकर बिहार और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा जा रहा है. ऐसे में बाढ़ में महिला के पेड़ पर बैठी फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है. इसे भारत के बिहार या असम का बताया जा रहा है. ऐसे ही एक ट्वीट को मशहूर गायक और म्यूजिक कंपोजर विशाल डडलानी ने भी रिट्वीट किया है.

VISHAL DADLANI @VishalDadlani ने 27 जुलाई को एक ट्वीट रिट्वीट करते हुए लिखा,
असम और बिहार भी,
सबके लिए बड़ा कठिन समय है. बाढ़ और उपर से यह वैश्विक महामारी, उस पर से सरकार ने हथियार डाल दिए.

ओरिजनल मैसेज
Assam, and Bihar too.
A truly horrible time for all.flood affected, doubled up with a global pandemic and a government that seems to have given up.

Singer Vishal Dadlani Tweet

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VISHAL DADLANI ने Gurpreet Singh Uppal @GurpreetSinghU4 के ट्वीट को रिट्वीट किया है. गुरप्रीत सिंह ने 27 जुलाई को एक फोटो पोस्ट करते हुए लिखा,
इस समय असम में आम नागरिक की यह दुर्दशा है.
फोटो में बाढ़ में एक महिला पेड़ पर चढ़ी हुई है.

Viral Tweet of Assam Flood.

ओरिजनल मैसेज
Plight of an ordinary citizen in Assam right now

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Adv Vikas Singh Yadav @advvikassinghy1 भी 29 जुलाई को ट्विटर पर दो फोटो पोस्ट की और लिखा,
मोती जी का आत्म निर्भर भारत
एक फोटो में बाढ़ में महिला पेड़ पर चढ़ी बैठी थी जबकि दूसरी में एक परिवार बाढ़ में झोपड़ी की छत पर बैठा है.

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फिर हमें फेसबुक पर भी कछ पोस्ट मिलीं. 29 जुलाई का Amar Azad नाम से बने फेसबुक पेज पर भी दो फोटो पोस्ट की गईं. इसमें एक फोटो बाढ़ में पेड़ पर बैठी महिला की है जबकि दूसरी भी बाढ़ से ही संबंधित है. इस पर लिखा है,
बिहार को विशेष राज्य का दर्जा अगर मिल जाता तो बिहार की ऐसी तस्वीर नहीं होती, NDA के सभी बिहारी नेता नाकाम साबित हुए बिहार को विशेष दर्जा दिलाने में.
भारत की ऐसी तस्वीरों को पूरी दुनिया देख रही है.
मुख्यमंत्री राहत कोष, प्रधानमंत्री का पैकेज, PM केअर फंड कहां है. अरबों रुपया किसके लिए है?

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा अगर मिल जाता तो बिहार की ऐसी तस्वीर नहीँ होती , NDA के सभी बिहारी नेता नाकाम साबित हुए…

Posted by Amar Azad on Tuesday, July 28, 2020

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VIKRAM @Gobhiji3 ने भी 28 जुलाई को इसी तरह की फोटो ट्वीट करते हुए लिखा,
यह उस देश की तस्वीर है जिस देश में विधायक करोड़ो में बिकते हैं.

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Rofl Gandhi नाम से बने फेसबुक पेज से 29 जुलाई को यहीं फोटो पोस्ट करके लिखा गया, देश को विश्व गुरु बनने की राह देखती बिहार की एक माँ….

देश को विश्व गुरु बनने की राह देखती बिहार की एक माँ….😢😢

Posted by Rofl Gandhi on Wednesday, July 29, 2020

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ट्विटर और फेसबुक पर यूजर्स ने तीन फोटो पोस्ट करके बिहार और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. एक फोटो तो लगभग सभी ने इस्तेमाल की. कुछ ने इसे बिहार तो कुछ ने असम से जोड़ा है. The News Postmortem ने इन तीनों ही फोटो की पड़ताल की.

Viral Image of Bihar Flood on Facebook

सबसे पहले हमने उस फोटो की पड़ताल शुरू की, जिसमें दो महिलाएं कुछ बच्चों के साथ बांस से बनी नावों के सहारे बाढ़ के पानी में अपना रास्ता तय कर रही है. गूगल पर रिवर्स इमेज से पता चला कि 2017 में इस फोटो को The New York Times ने इस्तेमाल किया था. 29 अगस्त 2017 को पब्लिश हुई खबर के अनुसार, फोटो एक हफ्ते पहले की असम की है. इससे यह साबित हो गया कि यह फोटो इस साल की नहीं है.

Viral Bihar Flood Image
Source: New York Times

इसके बाद हमने दूसरी फोटो की पड़ताल शुरू की. इसमें बाढ़ के पानी में झोपड़ी पर एक परिवार बैठा है. दावा किया गया कि यह फोटो भारत की है. गूगल पर सर्च करने पर हमें कोई रिजल्ट नहीं मिला. फिर हमने यांडेक्स पर इसकी खोजबीन शुरू की तो हमें Daily Sun की एक खबर मिली. इसमें दिया गया है कि Asian Development Bank (ADB) बांग्लादेश में क्लाइमेट स्मार्ट प्रोजेक्ट को बढ़ावा देगा. यह खबर 29 नवंबर 2018 को पब्लिश हुई थी. इसमें इसी फोटो का इस्तेमाल किया गया है. इसके अलावा हमें अप्रैल 2018 की xco2 पर भी यहीं फोटो मिली, जिसमें लिखा था बांग्लादेश में बाढ़ प्रभावित. इससे साबित होता है कि यह फोटो बांग्लादेश की है, भारत की नहीं.

Viral Bihar and Assam Flood Images
Source: Google

अब बात करते हैं सबसे ज्यादा वायरल होने वाली फोटो की. इसमें बाढ़ के पानी से बचने के लिए एक बुजुर्ग महिला पेड़ पर बैठी है. इसे गूगल पर काफी सर्च करने पर हमें फेसबुक की एक पोस्ट मिली. इसमें बांग्लादेश की राजधानी ढाका के एक एनजीओ यूथ फाउंडेशन आॅफ बांगलेदश ने अपने पेज पर वहीं फोटो पोस्ट की है. 27 जुलाई को पोस्ट की गई इस फोटो के साथ बांग्ला में मैसेज लिखा था.
अनुवाद:
बाढ़ में मानवता के लिए हाथ उठाओ:
बाढ़ के मौसम का अब भी आधा महीना है. शुरुआत में बांग्लादेश के अधिकांश क्षेत्र पानी के नीचे डूब गए हैं. कई लोगों ने सब कुछ खो दिया है. खासकर नदी-किनारे वाले नदी में डूब गए हैं. अगली बार हमारे लिए और भयंकर होगा. दूसरी तरफ हम अनिश्चित जीवन का इंतजार कर रहे हैं. इन समय से निपटने के लिए सभी को एक साथ काम करना पड़ता है. इससे निपटने के लिए समृद्ध लोगों को सहयोग करना पड़ता है. हर किसी के संयुक्त प्रयास से हम सामान्य स्थिति में वापस आ जाएंगे.
धन्यवाद

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Posted by YFB on Monday, July 27, 2020

फिर हमने गूगल पर और खोजबीन की तो हमें banglarkhobor24 की एक खबर मिली. इसमें भी यहीं फोटो इस्तेमाल की गई थी. इसमें लिखा है कि बाढ़ में घर डूब गए हैं. घर में कुछ नहीं बचा है. उसने कुछ बत्तखें रखी थीं, वे भी बह गईं. यह महिला दिन और रात इसी पेड़ पर काट रही है. सोशल मीडिया पर यह फोटो तेजी से वायरल हो रही है. यह फोटो बांग्लादेश के ​बोगरा जिले के सरियाकंडी की है. वह करीब एक माह से बाढ़ में घिरा हुआ है. जिनके पास नाव नहीं है, वे पेड़ों या छतों पर बैठे हुए हैं.

Postmortem रिपोर्ट: बाढ़ की कुछ फोटो का इस्तेमाल करके कई लोग केंद्र व बिहार सरकार पर निशाना साध रहे हैं. हमारी पड़ताल में ये फोटो भारत की नहीं बल्कि बांग्लादेश की निकलीं. जबकि एक फोटो 2017 की है. इस फेक पोस्ट को रिट्ववीट या शेयर करने से बचें.

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